आरटीआइ अधिनियम में संशोधन का विरोध

हजारीबाग : सूचना अधिकार रक्षा मंच ने सूचना अधिकार अधिनियम-05 में केंद्र सरकार द्वारा कतिपय संशोधन के खिलाफ गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया. धरना की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चितरंजन दास ने की, जबकि संचालन सचिव गणेश कुमार सीटू ने किया. इन्होंने केंद्र सरकार द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम में संशोधन को इसकी आत्मा को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 14, 2017 8:10 AM
हजारीबाग : सूचना अधिकार रक्षा मंच ने सूचना अधिकार अधिनियम-05 में केंद्र सरकार द्वारा कतिपय संशोधन के खिलाफ गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया. धरना की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चितरंजन दास ने की, जबकि संचालन सचिव गणेश कुमार सीटू ने किया. इन्होंने केंद्र सरकार द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम में संशोधन को इसकी आत्मा को खत्म करना बताया. कहा कि सरकार आवेदन के लिए शब्द सीमा तय करना चाहती है. सूचना आवेदक की मृत्यु व हत्या होने पर उसके आवेदन पर सुनवाई बंद करना चाहती है.
बीपीएल परिवार के आवेदकों से 20 पेज के बाद के पेज के लिए पैसा लेना और सूचना मांगने पर कारण बताना जैसे संशोधन सरकार आम जनता के हक को छीनना चाहती है, जबकि सच्चाई यही है कि सूचना के अधिकार मिलने से देश में भ्रष्टाचार को रोकने में कुछ हद सहायता मिली है. कई घोटालों का पर्दाफाश हुआ है.
धरना के दौरान प्रधानमंत्री को मांग पत्र भी भेजा गया. धरना में हजारीबाग के अलावा बोकारो, धनबाद, चतरा, कोडरमा और रामगढ़ के धमेंद्र कुमार, अधिवक्ता राजेंद्र सिंह, अरुण कुमार मेहता, विजय प्रसाद, मो अलीजान, आलोक रंजन सिंह, सुभाष कुमार दास, बिरजू नायक, विपिन कुमार सिन्हा, विजय प्रकाश राणा, विजय मिश्रा, विजय राम, मनोज राणा, दीपक शर्मा, छेदी कुमार, मजहर हुसैन, अमर कुमार, उमेश मेहता, मो अयूब, मो सगीर, मोहनलाल विश्वकर्मा, ढेलो महतो, ज्ञानचंद कुमार, सुबोध सोनी, पिंटू कुमार, गोवर्द्धन महतो, उपेंद्र मेहता व केदार साव आदि मौजूद थे.