फंसा रिंग रोड का मामला

12 साल बाद भी नहीं हो पाया नक्शा व एलाइमेंट का काम हजारीबाग : हजारीबाग रिंग रोड का काम 12 साल में शुरू नहीं हो पाया. वर्ष 2004-05 में रिंग रोड की योजना का नक्शा और सही एलाइमेंट तक नहीं बन पाया है. हजारीबाग शहर का रिंग रोड दो भागों में बनना है. एक भाग […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 11, 2016 1:22 AM
12 साल बाद भी नहीं हो पाया नक्शा व एलाइमेंट का काम
हजारीबाग : हजारीबाग रिंग रोड का काम 12 साल में शुरू नहीं हो पाया. वर्ष 2004-05 में रिंग रोड की योजना का नक्शा और सही एलाइमेंट तक नहीं बन पाया है. हजारीबाग शहर का रिंग रोड दो भागों में बनना है.
एक भाग का निर्माण कार्य झारखंड सरकार और दूसरे भाग का निर्माण एनएचआइ करायेगी. झारखंड सरकार को वर्ष 2004-05 में 17.118 किमी रोड का निर्माण करना था. इसकी प्राक्कलित राशि 52 करोड़ रुपये थी, जो बढ़ कर वर्ष 2016 में 233.15 करोड़ हो गयी है. अब तक डीपीआर बनाने में ही एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन जमीन पर काम नहीं उतर पाया है. झारखंड स्टेट हाइवे ऑथोरिटी की ओर से नयी डीपीआर पर रिंग रोड का नक्शा तैयार करवाया जा रहा है. रिंग रोड में 21 गांवों के 135.72 एकड़ रैयती भूमि और 39.53 एकड़ गैरमजरुवा भूमि का अधिग्रहण होना है.
जमीन अधिग्रहण पर डेढ़ सौ करोड़ से अधिक की राशि खर्च होगी. भू-अर्जन विभाग को 70 करोड़ की राशि भू-अर्जन के लिए चार साल पहले उपलब्ध करा दी गयी है, लेकिन अब तक तक एक ईंच भी जमीन का अधिग्रहण नहीं हुआ है. रिंग रोड के दायरे में 21 गांवों (मेरावल, नावाडीह, मंडईखुर्द, मंडईकला, रोमी, अतिया, कस्तूरीखाप, गदोखर, कदमा, सलगावां, मसरातू, रेवाली, कुद, सिरसी दो, सिरसी एक, खिरगांव, हुरहुरू, मासीपीढ़ी, कुद दो, अलगडीहा, डामोडीह) को 2014 में लाना था. हजारीबाग-रामगढ़ रोड कोनार पुल से सिरसी, रेवाली, रोमी, मंडईखुर्द से पटना मार्ग सिंदूर तक पटना रोड एनएच-33 तक 17.118 किमी रिंग रोड बनना है.
अब नक्शा भी समय के हिसाब से झारखंड सरकार बदलना चाह रही है. शहर के बाहरी इलाकों से रिंग रोड ले जाने के लिए नयी डीपीआर तैयार हो रही है. अब तक रिंग रोड का नक्शा स्वीकृत नहीं हो पाया है.