बड़कागांव में विस्थापन के विरुद्ध निकली गयी विशाल रैली

– बाहरी बहाली बंद करो : भुनेश्वर प्रसाद मेहता – 2013 अधिनियम लागू करो : वासवी कीड़ो संजय सागर, बड़कागांव झारखंड संयुक्त संघर्ष किसान मोर्चा एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के तत्वाधान में एनटीपीसी पंकरी बरवाडी एवं त्रिवेणी कोल कंपनी लिमिटेड द्वारा अनियमितता बरते जाने के विरोध में विशाल रैली निकाली गयी. यह रैली बड़कागांव से […]

– बाहरी बहाली बंद करो : भुनेश्वर प्रसाद मेहता

– 2013 अधिनियम लागू करो : वासवी कीड़ो

संजय सागर, बड़कागांव

झारखंड संयुक्त संघर्ष किसान मोर्चा एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के तत्वाधान में एनटीपीसी पंकरी बरवाडी एवं त्रिवेणी कोल कंपनी लिमिटेड द्वारा अनियमितता बरते जाने के विरोध में विशाल रैली निकाली गयी. यह रैली बड़कागांव से होते हुए कोरियाडीह, कृषक चौक, केरीगड़ा होते हुए विभिन्न गांव में निकाली गयी. रैली का नेतृत्व पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, विस्थापित जनमोर्चा झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष वासवी कीड़ो, किसान सभा के महेंद्र पाठक ने किया.

तत्पश्चात बड़कागांव के त्रिवेणी सैनिक लिमिटेड एवं एनटीपीसी के कार्यालय के समक्ष ग्राम लंगातू में धरना प्रदर्शन किया किया. इसकी अध्यक्षता पंचायत समिति सदस्य धर्मनाथ महतो व संचालन 20 सूत्री के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष सोहन लाल मेहता ने किया. धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि गोलीबारी एवं पुलिस बल का डर भय दिखा कर किसानों से जबरन जमीन छीन ली गयी. गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गयी.

इसके बावजूद भी यहां की निर्दोष लोगों को साजिश के तहत मुकदमा कर जेल भेज दिया गया. इतना ही नहीं पूर्व मंत्री जोगेंद्र साव, विधायक निर्मला देवी को राज्य बदर कर दिया गया. जो सबसे बड़ा अन्याय है. श्री मेहता ने कहा कि सरकार कंपनी के माध्यम से लोगों को झूठी मुकदमा कर डरा धमकाकर जबरदस्ती जमीन अधिग्रहण कर कोल कंपनियों को जमीन दे रही है. जो मानवता के खिलाफ है. उन्होंने कंपनियों को कहा कि बाहरी बहाली बंद करो, स्थानीय लोगों को नौकरियों का मुआवजा दो.

श्री मेहता ने भी कहा कि 20 नवंबर को किसानों ने धरना दिया. उस दौरान एनटीपीसी के सीजीएम में वार्ता करने का वादा किया. लेकिन आज तक कोई वार्ता नहीं की. उन्होंने कहा कि गरीबों किसानों पर बुलडोजर चलाकर कोयला नहीं निकलने देंगे. हर घर, हर गांव से किसान निकलकर कोयला निकालने नहीं देंगे.

विस्थापित जन मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष वासवी कीड़ो ने कहा कि कंपनियां जमीन अधिग्रहण कर पुनर्वास नौकरी मुआवजा नहीं देते हैं. इसका उदाहरण है बड़कागांव के एनटीपीसी व त्रिवेणी कंपनियां यहां के लोगों को उचित मुआवजा और नहीं नौकरी दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि 1894 में कानून खत्म कर 2013 कानून लाया गया. इसमें पुनर्वास, नौकरी, चार गुना मुआवजा दिये जाने का प्रावधान है.

मौके पर संयोजक लखींद्र कुमार, सहसंयोजक योगेंद्र महतो, पंचायत समिति सदस्य धर्मनाथ महतो, देव प्रसाद, सुरेश महतो, राजेंद्र ठाकुर, आदित्य विश्वकर्मा, सिकंदर महतो, नारायण कुशवाहा, अशोक कुमार मेहता, रामेश्वर साहू, विजय कुमार, दर्शन महतो, परमेश्वर महतो, बढ़न महतो, समेत सैकड़ों महिलाएं पुरुष शामिल थे.

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