नवजात शिशु के शव की जांच के प्रति जिम्मेवार हो पुलिस

पुलिस अकादमी में कार्यक्रम का आयोजन हजारीबाग : नवजात शिशु के शव मिलने पर इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है. पुलिस प्रशासन इस विषय पर जांच करना अपनी जिम्मेवारी समझे. इस समस्या को आश्रयणी फाउंडेशन की संस्थापक मोनिका गुंजन आर्य ने उठाया है. गुरुवार को झारखंड पुलिस अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में मोनिका गुंजन […]

पुलिस अकादमी में कार्यक्रम का आयोजन

हजारीबाग : नवजात शिशु के शव मिलने पर इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है. पुलिस प्रशासन इस विषय पर जांच करना अपनी जिम्मेवारी समझे. इस समस्या को आश्रयणी फाउंडेशन की संस्थापक मोनिका गुंजन आर्य ने उठाया है. गुरुवार को झारखंड पुलिस अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में मोनिका गुंजन ने प्रशिक्षु डीएसपी, और सब-इंसपेक्टर को संबोधित कर उक्त समस्या की जानकारी दी.

मौके पर 20 से अधिक डीएसपी और 450 ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर मौजूद थे. मोनिका गुंजन आर्य ने कहा कि नवजात शिशु के शव कई जगह लावारिस अवस्था में पाये जाने की घटना विकराल रूप लेती जा रही है. उन्होंने कुछ वीडियो फुटेज दिखा कर बताया कि किस प्रकार पुलिस की सजगता से कुछ मामलों में दोषी पकड़े गये हैं.

उन्होंंने पुलिस की जिम्मेवारी पर अपनी बातें रखी. उन्होंने विगत चार वर्ष के डेटा और नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो के आंकड़े रखे. कार्यक्रम में डीएसपी राजकुमार मेहता ने कहा कि नवजात शिशु के मामले में झारखंड पुलिस संवेदनशीलता से काम करेगी. पुलिस विभाग की ओर से डीएसपी अजय कुमार झा, डीएसपी रतिभान सिंह, नवीन चंद्र दास, केदान नाथ व पालोना की ओर से प्रोजेश दास, अमित कुमार मौजूद थे.

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