धान चोरी के आरोप में युवक से मारपीट, इलाज के दौरान हुई मौत; तीन गिरफ्तार

गुमला के कुटुवा गांव में भरत इंदवार की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है.

गुमलाः गुमला थाना क्षेत्र के कुटुवा गांव में भरत इंदवार की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. मृतक के भाई नारायण इंदवार के लिखित आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मामले में नामजद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

धान चोरी का आरोप लगाकर मारपीट का आरोप

मृतक के भाई ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि करीब एक माह पहले भरत पर घर में घुसकर धान चोरी करने का आरोप लगाया गया था. इसके बाद कुछ लोगों ने उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी. मारपीट में भरत गंभीर रूप से घायल हो गया था.

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परिजनों के अनुसार, आर्थिक परेशानी के कारण भरत का इलाज गांव में ही कराया गया. चोट लगने के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई. इसके बाद 31 अगस्त 2026 को घर में उसकी मौत हो गई. परिजनों ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के भरत के शव को गांव के ही डहुटांड़ फुटवा बगीचा में दफना दिया गया. वहीं बाद में मामले में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की.

तीन आरोपी गिरफ्तार, चार फरार

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों में ठुठा इंदवार उर्फ सुरेंद्र इंदवार, घांसी खड़िया और बंधु खड़िया को गिरफ्तार कर लिया है. तीनों को बुधवार को ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. वहीं, प्राथमिकी में नामजद एक अन्य आरोपी संजय खड़िया समेत 5-6 अज्ञात ग्रामीण फरार हैं. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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