गुमला: डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाये जाने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. गुमला के पालकोट थाना क्षेत्र के खटगांव में बुधवार की शाम डायन-बिसाही के आरोप में 40 वर्षीय तारामुनी देवी की टांगी से मार कर हत्या कर दी गयी.
जानकारी के अनुसार, तारामुनी देवी बुधवार की शाम करीब 6: 30 बजे खटगांव स्कूल के पास बर्तन धो रही थी, तभी गांव का सामिल डुंगडुंग वहां पहुंचा और तारामुनी पर डायन-बिसाही कर उसे बीमार करने का आरोप लगाने लगा. इस बात को लेकर आरोपी ने टांगी से महिला पर हमला कर दिया. गंभीर चोट लगने से तारामुनी देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी.
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, लेकिन गुरुवार की सुबह पालकोट थाना पहुंचकर उसने खुद को पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया. मृतका के भतीजे रंजीत केरकेट्टा ने बताया कि वर्ष 2025 में भी आरोपी ने तारामुनी देवी पर टांगी से जानलेवा हमला किया था. हालांकि तब उनकी जान बच गयी थी.
परिजनों का आरोप है कि उस मामले में पुलिस ने बाउंड लिखवाकर आरोपी को छोड़ दिया था. इसके बावजूद आरोपी के मन में महिला को लेकर अंधविश्वास बना रहा और उसने दोबारा हमला कर दिया. बताया गया कि आरोपी करीब तीन वर्षों से मिर्गी की बीमारी से पीड़ित था और उसे शक था कि तारामुनी देवी ने डायन-बिसाही कर उसे बीमार किया है.
मृतका के पति अनमोल केरकेट्टा ने आरोपी के खिलाफ थाना में मामला दर्ज कराया है. तारामुनी का बड़ा बेटा अंकित केरकेट्टा (17) गोवा में काम करता है, जबकि 13 वर्षीय छोटा बेटा अमृत मां के साथ रहता था.
