पालकोट में घुसे दो जंगली हाथी, मुख्य सड़क पर भी दिखे; ग्रामीणों में बढ़ी दहशत

गुमला के पालकोट में दो जंगली हाथियों ने मचाया उत्पात, धान की फसलें रौंदी। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों से दूर रहने की सलाह दी है।

बसिया के जंगलों से पहुंचे हाथियों ने उमड़ा पंचायत के गोनमेर बरंडाटोली में डेरा जमाया, वन विभाग की टीम भगाने में जुटी

पालकोट, गुमला : गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में शनिवार को दो जंगली हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गयी. दोनों हाथी बसिया के जंगलों से होते हुए पालकोट के जंगलों में पहुंचे हैं और फिलहाल उमड़ा पंचायत के गोनमेर बरंडाटोली गांव के पीछे स्थित घाटी में डेरा जमाये हुए हैं. इस दौरान दोनों हाथी मुख्य सड़क पर भी विचरण करते नजर आये.

कई गांवों के जंगलों से होते हुए पहुंचे पालकोट

वनपाल कृष्ण कुमार महतो ने बताया कि दोनों हाथी बसिया की ओर से नाथपुर, पेटसेरा, बंगरू, रक्तपानी समेत अन्य गांवों के जंगलों से होते हुए उमड़ा पंचायत के जंगलों तक पहुंचे हैं. फिलहाल दोनों हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग नजर रख रहा है.

वनरक्षियों, ट्रैकर और वन समितियों के सदस्यों के सहयोग से हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर भगाने का प्रयास किया जा रहा है.

हाथियों से दूरी बनाये रखने की अपील

वनपाल ने ग्रामीणों से हाथियों को छेड़ने या उनके करीब जाने का प्रयास नहीं करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि हाथियों को परेशान करने पर वे आक्रामक हो सकते हैं.

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि हाथी किसी गांव में प्रवेश करते हैं या किसी प्रकार का नुकसान करते हैं, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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