गुमलाः यू-डायस पोर्टल पर कई स्कूलों का काम अधूरा, प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरपी से 24 घंटे में मांगा जवाब

सिसई प्रखंड में यू-डायस पोर्टल पर कार्य पूरा न करने वाले प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरपी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है. लापरवाही पर कार्रवाई होगी.

प्रफ्फुल भगत की रिपोर्ट

सिसई (गुमला): प्रखंड में यू-डायस पोर्टल पर विद्यालयों से संबंधित जरूरी कार्यों को पूरा करने में लापरवाही का मामला सामने आया है. बीआरसी सिसई द्वारा 27 अगस्त 2026 को जारी पत्रांक 149 के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई है. मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरपी से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है.

कई विद्यालयों में छात्र मॉड्यूल का काम शून्य

पत्र में कहा गया है कि 27 अगस्त को यू-डायस पोर्टल पर विभिन्न प्रतिवेदनों की समीक्षा के दौरान कई विद्यालयों में जरूरी कार्य लंबित पाए गए. छात्र मॉड्यूल और छात्र प्रोफाइल में कई विद्यालयों की प्रगति शून्य मिली. कर्तिक उरांव आदिवासी बालिका उच्च विद्यालय, सिसई में 31 और सरस्वती शिशु मंदिर, पंडरिया में आठ छात्रों का कार्य शुरू नहीं हुआ है. वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय अरियाटोली और गोकुलपुर में भी एक भी छात्र का कार्य शुरू नहीं किया गया है.

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जरूरी कॉलम भी नहीं भरे गए

कई विद्यालयों में जीपी, इपी, एफपी, एसएफ और पीपी जैसे अनिवार्य कॉलम भी अब तक नहीं भरे गए हैं. इसके अलावा बीडीओ ने सभी सीआरपी को अपने संकुल के विद्यालयों में डुप्लीकेट छात्रों का सत्यापन कर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद कई विद्यालयों में डुप्लीकेट छात्र पाए गए. पत्र में इसे सीआरपी स्तर से उचित निगरानी नहीं होने का संकेत बताया गया है.

स्कूल प्रोफाइल और शिक्षक मॉड्यूल भी अधूरा

प्रोफाइल एवं फैसिलिटी डीसीएफ का पहमु, पुसो, सुपाली, टोटो, नगफेनी-मुरगु और कार्तिक छारदा में भी अपडेशन नहीं हुआ है. वहीं शिक्षक मॉड्यूल में पांच विद्यालयों का कार्य अधूरा है. डिवाइन लाइफ पब्लिक स्कूल में चार और सेक्रेड सोल पब्लिक स्कूल, नगफेनी-मुरगु में सात शिक्षकों का विवरण अब तक लंबित है.

संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई

बीआरसी ने संबंधित प्रधानाध्यापकों और सीआरपी-बीआरपी को 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापक और सीआरपी-बीआरपी की जवाबदेही तय की जाएगी. इसके बाद मामले को कार्रवाई के लिए वरीय पदाधिकारी को प्रतिवेदित किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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