जाति प्रमाण पत्र के 1020 आवेदन लंबित, 15 सितंबर तक SIR पूरा करने की चुनौती

गुमला में जाति प्रमाण पत्र न मिलने से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले परेशान. 15 सितंबर तक एसआइआर की डेडलाइन, प्रशासन पर उठ रहे सवाल.

गुमला. राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की अंतिम प्रक्रिया 15 सितंबर तक पूरी होनी है. मतदाता सूची से नाम छूटने या कटने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत कर नाम जुड़वाने का अवसर दिया गया है. लेकिन गुमला में प्रमाण पत्रों के लंबित रहने से लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गयी है. बताया जा रहा है कि सदर प्रखंड में करीब 25 दिनों से सीओ और एसडीओ स्तर से जारी होने वाले जाति प्रमाण पत्र समेत कई महत्वपूर्ण प्रमाण पत्रों का निर्गमन प्रभावित है. अंचल में एसटी श्रेणी के 381, एससी के 77 और ओबीसी के 562 जाति प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब लोगों को अपने दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज हासिल करने में ही परेशानी हो रही है, तो SIR की प्रक्रिया समय सीमा में कैसे पूरी होगी.

दस्तावेज नहीं, तो दावा कैसे होगा

एसआइआर के दौरान मतदाता सूची में नाम छूटने या किसी तरह की आपत्ति होने पर संबंधित व्यक्ति को अपने दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं. इनमें जाति प्रमाण पत्र समेत अन्य सरकारी दस्तावेज महत्वपूर्ण हैं. प्रमाण पत्र जारी होने में देरी से उन लोगों की परेशानी बढ़ रही है, जिनके आवेदन पहले से प्रक्रिया में हैं और जिन्हें SIR के दौरान दस्तावेज की जरूरत है.

हजारों आवेदन लंबित

गुमला में अलग-अलग श्रेणियों के जाति प्रमाण पत्र के हजारों आवेदन लंबित हैं. प्रमाण पत्र जारी करने में सीओ और एसडीओ स्तर की भूमिका महत्वपूर्ण होने के कारण आवेदकों को इंतजार करना पड़ रहा है. समयबद्ध चुनावी प्रक्रिया के बीच सरकारी दस्तावेजों के निर्गमन में लंबे समय से बनी रुकावट प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है.

15 सितंबर तक पूरी होनी है प्रक्रिया

एसआइआर की अंतिम समय सीमा नजदीक है. ऐसे में प्रशासन के सामने मतदाता सूची पुनरीक्षण के साथ लंबित प्रमाण पत्रों के आवेदनों के निपटारे की चुनौती भी है. यदि समय रहते प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए, तो मतदाता सूची में नाम जोड़ने या अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. अब सवाल है कि 25 दिनों से लंबित आवेदनों का निबटारा कब तक होगा.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >