प्रतिनिधि, गुमला कैथोलिक महिला संघ आर्च डायसिस गुमला की तीन बार सभा नेत्री रह चुकीं माटिल्डा टोप्पो के निधन से पूरे कलीसिया समुदाय और शिक्षा जगत में गहरा शोक व्याप्त है. उन्होंने 21 मार्च की रात रांची के हरमू स्थित अपने पुत्र मनोज के आवास पर अंतिम सांस ली. वे पिछले दो वर्षों से हृदय रोग से पीड़ित थीं और बीते चार दिनों से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी. उनके निधन की खबर मिलते ही गुमला और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ पड़ी. सोमवार को उनका पार्थिव शरीर गुमला के सिसई रोड स्थित उर्सुलाइन कॉन्वेंट के समीप उनके आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी. कलीसिया समुदाय के साथ-साथ विभिन्न समाजों के लोग भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे और नम आंखों से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. माटिल्डा टोप्पो का जीवन सेवा, समर्पण और अनुशासन की मिसाल रहा. उनके बड़े पुत्र फादर महेंद्र पीटर तिर्की ने बताया कि उनकी माता बचपन से ही समाज और कलीसिया के कार्यों में सक्रिय रहीं. उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा उर्सुलाइन कॉन्वेंट गुमला से प्राप्त की और उच्च शिक्षा रांची के संत जेवियर संस्थान से पूरी की. शिक्षा के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें समाज में विशिष्ट पहचान दिलायी. एकीकृत बिहार के दौर में उन्होंने कलीसिया समुदाय के एक स्कूल में शिक्षक के रूप में योगदान दिया और बाद में सरकारी सेवा में शामिल हुईं. एसएस हाई स्कूल गुमला की प्राचार्य के रूप में उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया और विद्यार्थियों में संस्कार व अनुशासन का बीजारोपण किया. सेवा के क्रम में उन्होंने सिमडेगा और डुमरी के विद्यालयों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.
कैथोलिक महिला संघ की पूर्व सभानेत्री माटिल्डा टोप्पो का निधन, शोक की लहर
कैथोलिक महिला संघ आर्च डायसिस गुमला की तीन बार सभा नेत्री रह चुकीं माटिल्डा टोप्पो के निधन से पूरे कलीसिया समुदाय और शिक्षा जगत में गहरा शोक व्याप्त है.
