गुमला. झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के तत्वावधान में सात अप्रैल को भविष्य निधि कार्यालय रांची के समक्ष एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जायेगा. यह आंदोलन खनन कंपनियों द्वारा किये गये कथित पीएफ घोटाले के विरोध में किया जा रहा है. आंदोलन की सफलता को लेकर यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह जिलाध्यक्ष सनिया उरांव के नेतृत्व में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया गया. इस दौरान यूनियन नेताओं ने बिमरला, चिरोडीह, कुजाम, सखुआपानी, अमतीपानी, सेरेंगदाग सहित लोहरदगा के किस्को और पाखर बॉक्साइट खदानों का दौरा कर मजदूरों को जागरूक किया. मौके पर सनिया उरांव ने कहा कि रैयतों ने अपनी जमीन इस उम्मीद में दी थी कि उन्हें मान-सम्मान, रोजगार और श्रम कानूनों के तहत अधिकार मिलेगा. लेकिन कंपनियां लगातार मजदूर हितों की अनदेखी कर रही हैं. इससे खनन मजदूरों के पीएफ की राशि का भुगतान न करना घोर निंदनीय है. जिसके कारण यूनियन को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा. जनसंपर्क अभियान में मुख्य रूप से सुरेश प्रसाद यादव, रविनंदन असुर, मंगलदेव असुर, रवि खेरवार, बंधु महली, राजेंद्र उरांव, मनोज उरांव, बिहारी उरांव और समीर असुर सहित अन्य शामिल थे.
पीएफ घोटाले के खिलाफ सात अप्रैल को रांची में धरना
पीएफ घोटाले के खिलाफ सात अप्रैल को रांची में धरना
