ग्रामसभा अध्यक्ष के चयन पर बवाल, ग्रामीणों ने उठाये सवाल, बीडीओ से की दस्तावेजों की जांच की मांग

झारखंड के कामडारा में ग्रामसभा अध्यक्ष के गलत चयन पर ग्रामीणों ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापन, दस्तावेजों की जांच और निष्पक्ष चुनाव की मांग की.

कामडारा. प्रखंड के सरिता गांव स्थित बाजारटांड़ में पेसा कानून के तहत ग्रामसभा के पदाधिकारियों के चयन को लेकर हुई बैठक में ग्रामसभा अध्यक्ष के चयन पर विवाद हो गया है. ग्रामीणों ने गलत तरीके से अध्यक्ष का चयन किये जाने का आरोप लगाते हुए इसका विरोध किया है.

बीडीओ को सौंपा आवेदन

इस संबंध में ग्रामीणों ने बीडीओ जोसेफ कंडुलना को आवेदन सौंपा है. ग्रामीणों ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच के बाद ही चयन प्रक्रिया को मान्यता देने की मांग की है.

10 सितंबर को हुआ था चयन

आवेदन में बताया गया है कि 10 सितंबर 2026 को राजस्व ग्राम सरिता बाजारटांड़ में ग्राम अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्यों की एक बैठक रखी गयी थी. बैठक में मंगरा सुरीन को ग्रामसभा अध्यक्ष के रूप में चुना गया. इस पर कोंगाड़ी किली के लोगों ने आपत्ति दर्ज करायी.

परंपरा और दस्तावेजों का दिया हवाला

ग्रामीणों का कहना है कि मंगरा सुरीन मुंडा समाज के अनुसार महतो खूंट अर्थात डकरा पद से आते हैं. जबकि पूर्वजों की परंपरा से कोंगाड़ी किली में मुंडा खूंट (हातु मुंडा) चलता आया है. इसका प्रमाण प्रभुदयाल कोंगाड़ी के भुइहरी खेवट खतियान एवं अन्य दस्तावेजों से मिलता है.

ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद सुरीन गोत्र (किली) के लोग बिना प्रमाण दिखाये अध्यक्ष पद पर दावेदारी कर रहे हैं. इसलिए दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही चयन प्रक्रिया को मान्यता देने की मांग की गयी है.

आवेदन में प्रभुदयाल कोंगाड़ी, नमन कोंगाड़ी, सैयुन कोंगाड़ी, भिनसेंट कोंगाड़ी, मोजेस कोंगाड़ी सहित लगभग दो दर्जन ग्रामीणों के नाम शामिल हैं.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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