4 साल बाद खुलेगा हत्या का राज: कब्र खोदकर निकाला गया कंकाल, फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया

गुमला के नवागढ़ बैगा टोली में चार साल पहले दफनाए गए मलकन बैगा के शव को कब्र से बाहर निकाला गया है. यह कार्रवाई उनकी बेटी द्वारा डायन-बिसाही के आरोप में पिता की हत्या की शिकायत के बाद हुई है. कंकाल को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेजा गया है.

दुर्जय पासवान, गुमला

गुमला के रायडीह थाना क्षेत्र के नवागढ़ बैगा टोली में चार साल पहले दफनाये गये एक शव को मंगलवार को प्रशासनिक निगरानी में कब्र से बाहर निकाला गया. मृतक के कंकाल को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेज दिया गया है. यह कार्रवाई मृतक की पुत्री द्वारा अपने पिता की हत्या का आरोप लगाते हुए दर्ज कराई गई प्राथमिकी के बाद की गई. जानकारी के अनुसार, नवागढ़ बैगा टोली निवासी उर्मिला देवी (35 वर्ष) ने रायडीह थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनके पिता मलकन बैगा की 7 जून 2022 को डायन-बिसाही के आरोप में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.

मृतक की बेटी ने चाचा पर लगाया आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में उनके चाचा दीपक बैगा, चाची झबली देवी, चचेरा भाई हीरा बैगा सहित गांव के गंगा बैगा, राजेश बैगा, देवकी देवी, पोको देवी, सुकरो देवी और सुरमई देवी शामिल थे. उर्मिला देवी का आरोप है कि हत्या के बाद पूरे गांव ने मामले को दबाने की कोशिश की और किसी को भनक न लगे, इसलिए शव को बैगा टोली स्थित कब्रिस्तान में दफना दिया गया. चार वर्षों तक यह मामला दबा रहा, लेकिन अब पुत्री की शिकायत के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की.

प्रशासनिक अधिकारी रहे मौके पर मौजूद

शिकायत के आधार पर रायडीह थाना में कांड संख्या 29/2026 दर्ज किया गया. इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी, चैनपुर के निर्देश पर मंगलवार को अंचलाधिकारी की मौजूदगी में कब्र की खुदाई कर मलकन बैगा के कंकाल को बाहर निकाला गया. पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी और पुलिस की उपस्थिति में संपन्न हुई.

पूरी प्रक्रिया की हुई वीडियो रिकॉर्डिंग

निकाले गए कंकाल को वैज्ञानिक जांच के लिए पोस्टमार्टम एवं डीएनए परीक्षण हेतु भेजा गया है. पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मौके पर अंचलाधिकारी शैलेन्द्र चौरसिया, रायडीह थाना प्रभारी संदीप कुमार यादव, सीआई प्रदीप कुमार सहित पुलिस बल मौजूद रहा. प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई.

अंधविश्वास की भयावह तस्वीर

यह मामला एक बार फिर समाज में फैले डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को उजागर करता है. यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो यह न केवल एक जघन्य हत्या का मामला होगा, बल्कि अंधविश्वास के नाम पर कानून और मानवता को चुनौती देने वाली गंभीर घटना भी मानी जाएगी. फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की गहन जांच कर रही है. पोस्टमार्टम और डीएनए रिपोर्ट के साथ-साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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By Amleshnandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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