गुमला. जिले के कुटवां गांव में रविवार की सुबह किसी त्योहार से कम नहीं रही. करीब दो साल पहले लापता हुए जिंदू उरांव आखिरकार सकुशल घर लौट आया. जैसे उसकी वापसी की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. जिंदू उरांव दो वर्ष पहले अचानक घर से लापता हो गया था. परिवार ने हरसंभव प्रयास किया. रिश्तेदारों से संपर्क, दूर-दराज के इलाकों में तलाश और थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट लेकिन समय के साथ उम्मीदें धुंधली पड़ती चली गयी. इस बीच किस्मत ने मोड़ लिया. गांव के ही सीआरपीएफ जवान फिनेश महली की पहल से कोलकाता में जिंदू उरांव मिला. इसके बाद पुलिस की मदद से जिंदू को रांची भेजा गया. रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड पर जिंदू को लेने उसकी मां, गांव के मुखिया वीणा देवी व समाजसेवी अजय उरांव पहुंचे. जैसे ही मां की नजर बस से उतरते बेटे पर पड़ी. वह खुद को रोक नहीं सकी. लाठी के सहारे जमीन पर रेंग कर चलते हुए उसे गले लगा लिया. गांव पहुंचते जिंदू को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
दो साल बाद मिला बेटा, लिपट कर रोने लगी मां
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