बैल चराने गये अधेड़ का तीन दिन बाद नदी से मिला शव

गुमला के सिसई और सदर थाना क्षेत्र में दो लोगों की डूबने से मौत हो गई. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है.

प्रतिनिधि, गुमला

सिसई प्रखंड स्थित पुसो थाना क्षेत्र के लद्दा ग्राम में उस समय शोक की लहर दौड़ गयी जब गांव के 45 वर्षीय सुरेश उरांव की नदी में डूबने से दुखद मौत हो गयी. प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरेश गुरुवार की सुबह लगभग नौ बजे मवेशी चराने के लिये कुलडीपा की ओर गया हुआ था. देर शाम तक मवेशी तो वापस घर लौट आए लेकिन सुरेश घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गयी. परिजनों ने अपने स्तर पर उनकी काफी खोजबीन की और रिश्तेदारों के यहां भी पता लगाया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका.

आखिरकार घटना के तीन दिन बाद बड़री गांव के कुछ बच्चे जब नदी किनारे नहाने और मछली पकड़ने गये. तब उन्होंने नदी के पानी में एक शव को तैरते हुए देखा. बच्चों द्वारा शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को देखते हुए पुसो थाना पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला. शव की पहचान लापता सुरेश के रूप में की गयी. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और सोमवार को पोस्टमार्टम कराने के पश्चात उसे अंतिम संस्कार के लिये परिजनों को सौंप दिया.

तालाब में डूबने से वृद्ध की मौत

गुमला सदर थाना क्षेत्र के वृंदा नवाटोली गांव में एक दुखद घटना सामने आयी है, जहां 65 वर्षीय गंदु भगत की तालाब में डूबने से मौत हो गयी. प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक का बेटा चेतू भगत अपने पिता को खाना-पीना खिलाकर हल जोतने के लिये खेत में गया हुआ था. रविवार दोपहर लगभग 2:30 बजे गंदु भगत शौच के लिये दिहारी बगीचा स्थित तालाब की ओर गये थे, जहां पानी के पास शौच के बाद हाथ-पैर धोने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वे तालाब में गिर गये और डूबने से उनकी मौत हो गयी. शाम लगभग छह बजे जब चेतू भगत खेत से काम निपटाकर घर वापस लौटा तो उसने पिता को घर पर नहीं पाया.

इसके बाद परिजन रात नौ बजे तक गांव और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश करते रहे. खोजबीन करते हुए जब चेतू भगत तालाब की ओर गया तो वहां पानी में उसके पिता का शव पड़ा हुआ मिला. घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गयी. सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकाला और सोमवार को पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल भेज दिया.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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