स्थिति चिंताजनक : गुमला जिले के 1351 आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली 592 में शौचालय व 623 में पानी नहीं

कई केंद्र भाड़े के मकान में चल रहे हैं. 1351 केंद्रों में बिजली की व्यवस्था नहीं है. न ही पंखा लगा है. सबसे परेशानी पानी व शौचालय की है. 592 केंद्र में शौचालय नहीं है. जबकि 623 केंद्र में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है. जिस कारण बच्चों को दिक्कत होती है. जबकि पानी, बिजली व शौचालय जरूरी है. परंतु ये तीनों महत्वपूर्ण सुविधा नहीं है. बच्चों के अलावा सेविका, सहायिका को भी दिक्कत होती है.

By Prabhat Khabar News Desk |

Jharkhand News, Gumla News गुमला : गांवों में भूख व कुपोषण से निबटने के लिए इसकी स्थापना की गयी है. केंद्र में बच्चों को शुरुआती शिक्षा भी देनी है. इसके लिए जरूरी है कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों व माताओं के लिए सभी प्रकार की सुविधा हो. परंतु गुमला जिले में सैकड़ों आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है. जिले में 1670 आंगनबाड़ी केंद्र है. इनमें 111 निर्माणाधीन व 208 आंगनबाड़ी केंद्र भवनहीन है. जबकि 1351 केंद्र का अपना सरकारी भवन है.

कई केंद्र भाड़े के मकान में चल रहे हैं. 1351 केंद्रों में बिजली की व्यवस्था नहीं है. न ही पंखा लगा है. सबसे परेशानी पानी व शौचालय की है. 592 केंद्र में शौचालय नहीं है. जबकि 623 केंद्र में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है. जिस कारण बच्चों को दिक्कत होती है. जबकि पानी, बिजली व शौचालय जरूरी है. परंतु ये तीनों महत्वपूर्ण सुविधा नहीं है. बच्चों के अलावा सेविका, सहायिका को भी दिक्कत होती है.

असुविधा के कारण घट रही बच्चों की संख्या : मिशन बदलाव गुमला की सदस्य मीरा शर्मा ने गांवों का दौरा कर कई आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति से अवगत हुई है. हुरहुरिया, पकरीटोली्र जिलिंगा, चुगलू गांव के केंद्र की स्थिति ठीक नहीं है. भवन आधा अधूरा बनाकर छोड़ दिया गया है. जिले में अधिकांश केंद्रों में सुविधाओं का अभाव है. भवन जर्जर है. केंद्र के आसपास गंदगी रहती है. सुविधाओं के अभाव में बच्चे केंद्र आना नहीं चाहते हैं. प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में कम से कम 40 से 50 बच्चों को रखना है. लेकिन केंद्र में दिनोंदिन बच्चों की संख्या कम हो रही है. कई केंद्र भाड़े के मकान में चल रहा है.

डीएसडब्ल्यूओ सीता पुष्पा ने कहा : -जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा ने बताया कि गुमला जिले में 1670 आंगनबाड़ी केंद्रों में से वर्तमान में 1351 आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी भवनों में संचालित हो रहा है. वहीं 111 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माणाधीन है. जबकि 208 आंगनबाड़ी केंद्र भवनहीन है. इसके अलावा 1351 आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली नहीं है. विद्युतिकरण हेतु कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल गुमला को आवेदन दिया गया है. वहीं जिन भवनों में शौचालय व पानी की व्यवस्था नहीं है. उसकी सूची उपविकास आयुक्त गुमला को सौंपी गयी है. जिससे जिला के फंड से सभी आंगनबाड़ी केंद्र में पानी व शौचालय की व्यवस्था की जा सके.

Posted By : Sameer Oraon

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