झारखंड आंदोलनकारियों ने उठाई पेंशन में समानता और जेल जाने की बाध्यता खत्म करने की मांग

झारखंड आंदोलनकारियों ने घाघरा में बैठक कर जेल जाने की बाध्यता को समाप्त करने और सभी को समान पेंशन देने की मांग सरकार के समक्ष रखी है.

अजित कुमार साहू की रिपोर्ट

घाघरा (गुमला): प्रखंड मुख्यालय स्थित आदिवासी कला संस्कृति भवन में बुधवार को झारखंड आंदोलनकारी घाघरा समिति की बैठक हुई. अध्यक्षता राजकुमार भगत ने की. बैठक में आंदोलनकारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी और कई मांगों को प्रमुखता से उठाया गया.

जेल जाने की बाध्यता खत्म करने की मांग

बैठक में आंदोलनकारियों ने जेल जाने की बाध्यता को समाप्त करने और सभी आंदोलनकारियों को समान पेंशन देने की मांग रखी. इसके अलावा सभी आंदोलनकारियों को प्रशस्ति पत्र दिए जाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया.

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नौ अक्तूबर को होगी अगली बैठक

बैठक में समिति की अगली बैठक नौ अक्तूबर को आयोजित करने का निर्णय लिया गया. इस दौरान आंदोलनकारियों ने अपने विभिन्न मुद्दों को लेकर एकजुट होकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की.

बैठक में नारायण भगत, राजकुमार भगत, मोहन भगत, ओम प्रकाश मिश्रा, मुखलाल साहू, लालदेव उरांव, विनोद भगत, दिगंबर साहू, बिरी भगत, महाजन उरांव, सुरेश भगत, चंद्रमणि मिश्रा, सुरेंद्र साहू, महेश उरांव, सुनील उरांव, नागो उरांव, तेंबा उरांव, सजीत भगत, मारवाड़ी उरांव सहित दर्जनों आंदोलनकारी मौजूद थे.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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