गुमला. जिला स्वास्थ्य विभाग गुमला की मासिक समीक्षा बैठक गुरुवार को उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई. बैठक में मातृत्व स्वास्थ्य के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) एवं संस्थागत प्रसव की प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा की गयी. इसके अलावा बाल स्वास्थ्य के तहत नियमित टीकाकरण, कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी), आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, वय वंदना योजना, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत आभा कार्ड निर्माण की प्रगति समेत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी.
कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों की हुई समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम, फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, सर्पदंश के मामलों की रोकथाम एवं त्वरित उपचार, एंबुलेंस सेवाओं, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम, मलेरिया एवं फाइलेरिया नियंत्रण, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, 15वें वित्त आयोग और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गयी.
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का निर्देश दिया.
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लंबित कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश
उपायुक्त ने योजनाओं की नियमित निगरानी, लंबित कार्यों का समयबद्ध निष्पादन तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
बैठक में मुख्य रूप से सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी, डीएस डॉक्टर अनुपम किशोर सहित सभी संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.
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