30 महिला किसानों को मछली के मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण

झारखंड के गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा और खूंटी की 30 महिला किसानों को मछली से बने उत्पादों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

गुमला: मात्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय, गुमला में केंद्रीय मत्स्य प्रौद्योगिकी संस्थान की टीएसपी परियोजना के तहत मछली के मूल्यवर्धन एवं मूल्यवर्धित उत्पाद विकास विषय पर आयोजित तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का समापन हुआ. प्रशिक्षण में गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा तथा खूंटी जिलों की 30 किसान महिलाओं ने भाग लिया.

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मछली से मोमो, कटलेट, समोसा, पापड़, चकली, सैंडविच एवं झींगा अचार तैयार करने का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया. साथ ही उत्पादों की पैकिंग, गुणवत्ता, विपणन एवं स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी.

समापन समारोह के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र, चतरा के वरीय वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ आरएम मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि केंद्रीय मत्स्य प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिक श्रवण कुमार शर्मा एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी गुमला कुसुमलता थे. अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रमाण पत्र वितरित किये.

इससे पूर्व वैज्ञानिक श्रवण कुमार शर्मा, मात्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता डॉ एके शर्मा, मत्स्य निदेशक झारखंड अमरेंद्र कुमार एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुमलता ने ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया. उन्होंने मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण एवं विपणन को आत्मनिर्भरता का बेहतर माध्यम बताया.

मौके पर डॉ कस्तूरी चट्टोपाध्याय, डॉ प्रशांत जना, डॉ श्वेता कुमारी, डॉ आनंद वैष्णव, संजय नाथ पाठक, रेशमी सिंह, रूकमनी यादव, सोनामती देवी समेत अन्य मौजूद थे.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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