गुमला: मात्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय, गुमला में केंद्रीय मत्स्य प्रौद्योगिकी संस्थान की टीएसपी परियोजना के तहत मछली के मूल्यवर्धन एवं मूल्यवर्धित उत्पाद विकास विषय पर आयोजित तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का समापन हुआ. प्रशिक्षण में गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा तथा खूंटी जिलों की 30 किसान महिलाओं ने भाग लिया.
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मछली से मोमो, कटलेट, समोसा, पापड़, चकली, सैंडविच एवं झींगा अचार तैयार करने का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया. साथ ही उत्पादों की पैकिंग, गुणवत्ता, विपणन एवं स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी.
समापन समारोह के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र, चतरा के वरीय वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ आरएम मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि केंद्रीय मत्स्य प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिक श्रवण कुमार शर्मा एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी गुमला कुसुमलता थे. अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रमाण पत्र वितरित किये.
इससे पूर्व वैज्ञानिक श्रवण कुमार शर्मा, मात्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता डॉ एके शर्मा, मत्स्य निदेशक झारखंड अमरेंद्र कुमार एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुमलता ने ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया. उन्होंने मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण एवं विपणन को आत्मनिर्भरता का बेहतर माध्यम बताया.
मौके पर डॉ कस्तूरी चट्टोपाध्याय, डॉ प्रशांत जना, डॉ श्वेता कुमारी, डॉ आनंद वैष्णव, संजय नाथ पाठक, रेशमी सिंह, रूकमनी यादव, सोनामती देवी समेत अन्य मौजूद थे.
