दुनियादारी सिद्धांत व प्रभु यीशु के सिद्धांत बिल्कुल भिन्न : बिशप
दुनियादारी सिद्धांत व प्रभु यीशु के सिद्धांत बिल्कुल भिन्न : बिशप
रायडीह. मांझाटोली में महिला संघ के कार्यक्रम को लेकर रविवार की सुबह पवित्र मिस्सा पूजा बलिदान हुआ. मिस्सा पूजा बलिदान के मुख्य अधिष्ठाता गुमला धर्मप्रांत के बिशप लीनुस पिंगल एक्का थे. उन्होंने कहा कि दुनियादारी सिद्धांत व प्रभु यीशु का सिद्धांत बिल्कुल भिन्न है. दुनियादारी सिद्धांत कहता है कि यदि आपसे कोई छल करता है. तो आप भी छल करो, यदि कोई आपको एक गाल पर थप्पड़ मारता है, तो आप भी उसके दूसरे गाल पर थप्पड़ मारों, कोई आपको गाली देता है, तो आप भी उसे गाली दो. लेकिन प्रभु यीशु का सिद्धांत कहता है कि आप दोषियों को क्षमा करो और लोगों से प्यार करो. आप दयावान बन मेरे दिखाये रास्ते पर चलो, तभी आप महान बनोगे. प्रभु यीशु बहुत महान थे. उनका सिद्धांत ही अलग था. मौके पर वीजी फादर जेफ्रेनियुस तिर्की, फादर सामुएल कुजूर, फादर कुलदीप खलखो, फादर संदीप किंडो, फादर जॉन डुंगडुंग, सिस्टर अनिता एक्का, सिस्टर स्तेला बाखला, सभा नेत्री फ्लोरा मिंज, सचिव जयंती तिर्की, फातिमा जसिंता किंडो, पुष्पा बाड़ा, रजनी लकड़ा, अरुणा बेक, दिव्या सरिता मिंज, मंजू बेक, प्रफुला कुजूर, ज्योति केरकेट्टा आदि मौजूद थे.
निबंधन कार्यालय को शहर में शिफ्ट करने की मांग
गुमला. निबंधन कार्यालय को चंदाली समाहरणालय से अनुमंडल कार्यालय गुमला के समीप लाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने सांसद सुखदेव भगत को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा गया है कि गुमला निबंधन कार्यालय पूर्व में गुमला अनुमंडल कार्यालय के बगल में था. अधिवक्ता कक्ष व व्यवहार न्यायालय परिसर अगल-बगल में स्थित है. वर्तमान में समाहरणालय के चंदाली स्थानांतरित होने के बाद निबंधन कार्यालय भी समाहरणालय भवन में स्थानांतरित हो गया, जो अनुमंडल कार्यालय एवं व्यवहार न्यायालय से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है. निबंधन कार्यालय में पट्टा का टाइपिंग व सभी दस्तावेज तैयारी अधिवक्ताओं द्वारा की जाती है. इसके बाद निबंधन कार्यालय में निबंधित करायी जाती है. निबंधन कार्यालय दूर चले जाने के कारण एक पट्टा निबंधित कराने में एक अधिवक्ता को पूरे दिन वहीं व्यस्त रहना पड़ता है. इससे अधिवक्ताओं को न्यायालय कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इससे क्षेत्र के दूर-दराज के मुवक्किलों का कार्य बाधित होता है. गुमला एक आदिवासी बहुल व पिछड़ा क्षेत्र है. यहां के गरीब नागरिकों को अपने न्यायिक कार्य व निबंधन कार्य कराने में परेशानियों की समस्या उत्पन्न हो गयी है. अधिवक्ता संघ गुमला द्वारा उपायुक्त गुमला से मिल कर समस्या के समाधान के लिए पूर्व में ही अनुरोध किया गया था, परंतु समस्या बनी रही. अंततः कहा गया कि यह उनके क्षेत्राधिकार के अंतर्गत नहीं आता है. इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार झारखंड सरकार को है. समस्त अधिवक्ता वर्तमान कठिनाइयों के कारण निबंधन कार्यालय के कार्य को करने में सहयोग नहीं कर पा रहे हैं. ज्ञापन सौंपने वालों में मुरली मनोहर प्रसाद, अरुण कुमार, एनएमपी श्रीवास्तव, प्रकाश गोप, संदीप स्वरूप, राजनारायण नाग, मो मुजीब, ऐरीन खान समेत अन्य मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
