हाइवा की तेज रफ्तार और घना कोहरा बनी हादसे की वजह
एनएचएआइ के इंजीनियरों को डीटीओ ने दिये दिशा-निर्देश
गुमला. गुमला जिले के डाड़हा गांव में गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे के पीछे मुख्य रूप से दो कारण सामने आये हैं. पहला हाइवा गाड़ी की अधिक रफ्तार और सुबह 5.50 बजे फोरलेन सड़क पर छाया घना कोहरा. गुरुवार की सुबह न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस वर्ष का सबसे ठंडा दिन रहा. अधिक ठंड के कारण फोरलेन सड़क पर कुहासा काफी घना था. इस दौरान हाइवा वाहन (जेएच-07एल-3518) कथित तौर पर अधिक रफ्तार से चल रहा था. कोहरे के कारण हाइवा चालक आगे चल रही पिकअप मैक्सीकैब (जेएच-01डीजी-8559) को नहीं देख पाया और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद हाइवा पिकअप को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गया, जिससे पिकअप सड़क से नीचे खेत में जा गिरी. जोरदार टक्कर और घसीटे जाने के कारण यह भीषण हादसा हुआ, जिसमें मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गयी, जबकि तीन अन्य घायल हो गये.
जांच टीम ने किया घटनास्थल का किया मुआयना
हादसे के बाद गुमला उपायुक्त के निर्देश पर तत्काल एक संयुक्त जांच टीम गठित की गयी. टीम में डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल, एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, एमवीआइ रॉबिन अजय सिंह, एमवीआइ प्रदीप तिर्की, भरनो और सिसई थाना प्रभारी तथा एनएचएआइ के इंजीनियर शामिल थे. जांच टीम ने करीब दो घंटे तक घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से घटना की जानकारी ली. डीटीओ ने जांच के बाद बताया कि हादसे के दो प्रमुख कारण सामने आये हैं. पहला हाइवा की तेज रफ्तार और घना कोहरा. उन्होंने कहा कि कोहरे के दौरान तेज गति से वाहन चलाना काफी खतरनाक है.
ओवर स्पीडिंग पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए सघन जांच अभियान चलाया जायेगा. ओवर स्पीडिंग करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
हाइवा चालक गिरफ्तार, कार्रवाई जारी
गुमला अनुमंडल के एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि टक्कर मारकर भागने वाले हाइवा वाहन को पुलिस ने पकड़ लिया है. वाहन चालक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है.
सुधारात्मक उपायों के निर्देश
संयुक्त जांच टीम ने एनएचएआइ के इंजीनियरों को घटनास्थल के दोनों ओर तत्काल दुर्घटना संभावित क्षेत्र की चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्देश दिया है. इसके अलावा बस्ती क्षेत्र से पहले रंबल स्ट्रिप बनाने और कोहरे को देखते हुए सड़क किनारे रिफ्लेक्टिव मार्किंग करने का भी आदेश दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
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