गुमला. गुमला पल्ली के ख्रीस्त विश्वासियों ने शनिवार को माताओं की संरक्षिका संत मोनिका का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया. इस अवसर पर संत पात्रिक महागिरिजा, गुमला में प्रातःकालीन मिस्सा पूजा हुई, जिसमें बड़ी संख्या में विश्वासी शामिल हुए. मुख्य अनुष्ठाता गुमला धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप लिनुस पिंगल एक्का रहे. सहायक अनुष्ठाता विकर जेनरल फादर जेफरीनुस तिर्की और संत पात्रिक महागिरिजा के पल्ली पुरोहित फादर एम्मानुएल कुजूर ने विभिन्न धार्मिक विधियों के बीच मिस्सा करायी.
संत मोनिका से सीखने का दिया संदेश
बिशप लिनुस पिंगल एक्का ने कहा कि संत मोनिका एक आदर्श मां और माताओं की संरक्षिका मानी जाती हैं. उन्हें धैर्य की संत भी कहा जाता है. उन्होंने कहा कि संत मोनिका ने अपने जीवन में कठिन परिस्थितियों के बावजूद ईश्वर पर विश्वास नहीं छोड़ा और लगातार प्रार्थना करती रहीं.
बिशप ने बताया कि संत मोनिका के पति और पुत्र बुरे मार्ग पर चल रहे थे. इससे वह काफी व्यथित रहती थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. वह चाहती थीं कि उनका परिवार ईश्वर पर दृढ़ विश्वास करे और सही मार्ग पर चले. इसके लिए वह लगातार ईश्वर से प्रार्थना करती रहीं.
प्रार्थना और धैर्य से आया परिवार में बदलाव
बिशप के अनुसार, संत मोनिका को विश्वास था कि ईश्वर सही समय पर उनकी प्रार्थना सुनेंगे. समय के साथ उनके पति और पुत्र के जीवन में बदलाव आया और उन्होंने बुराई का त्याग कर अच्छाई का मार्ग अपनाया.
बिशप ने विश्वासियों से संत मोनिका के जीवन से प्रेरणा लेने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखते हुए ईश्वरीय मार्ग पर चलते रहने का संदेश दिया.
महिला संघ ने आयोजित किया विशेष कार्यक्रम
संत मोनिका पर्व के अवसर पर काथलिक महिला संघ, गुमला के तत्वावधान में संत पात्रिक हाफमैन हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें सैकड़ों विश्वासी शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों और महिला संघ की पदाधिकारियों ने संत मोनिका की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की.
इसके बाद विभिन्न टोला और मंडलियों की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये. कार्यक्रम में संत इग्नासियुस के रेक्टर फादर फ्लोरेंस कुजूर, संत पात्रिक महागिरिजा के सहायक पल्ली पुरोहित फादर मिलियानुस सारस, फादर अरविंद कुजूर, फादर प्रीतम बाखला, फादर समीर, फादर मूनसंग सहित बड़ी संख्या में विश्वासी मौजूद रहे.
