तीन सालों से मछली उत्पादन ठप, राजस्व का नुकसान

भट्ठी तालाब, सरनाटोली तालाब, करमटोली तालाब, करमटोली बांध और चेटर तालाब में हर साल किया जाता था मछली पालन

तालाबों की बंदोबस्ती नहीं होने से बंद है मछली पालन

गुमला. गुमला शहर में स्थित भट्ठी तालाब, सरनाटोली तालाब, करमटोली तालाब, करमटोली बांध और चेटर तालाब में हर साल मछली पालन किया जाता था, जिससे न केवल सरकार को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, बल्कि मछली पालक किसानों को भी अपनी आजीविका का एक अच्छा स्रोत मिलता था. लेकिन पिछले तीन सालों से इन तालाबों में मछली उत्पादन ठप हो गया है. इससे सरकार को हर साल लाखों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है. इन तालाबों की बंदोबस्ती के अभाव में मछली पालन का कार्य बंद हो गया है. पहले इन तालाबों की निविदा निकाली जाती थी और विभिन्न मछली पालक किसान इन तालाबों का ठेका लेकर मछली पालन करते थे. परंतु अब तीन सालों से इन तालाबों की निविदा नहीं निकाली जा रही है.

तालाबों का नगर परिषद को किया गया है हैंडओवर : गुमला के मत्स्य विभाग द्वारा इन पांच तालाबों का प्रबंधन पहले किया जाता था, लेकिन वर्ष 2023 में यह तालाब नगर परिषद गुमला को हैंडओवर कर दिया गया. इसके बाद से नगर परिषद ने इन तालाबों की बंदोबस्ती पर कोई ध्यान नहीं दिया है.

चल रही है बंदोबस्ती की प्रक्रिया : प्रशासक

नप के प्रशासक सार्जेन मरांडी ने इस संबंध में बताया कि तालाबों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि आवश्यक गाइड लाइनों के लिए मत्स्य कार्यालय से संपर्क किया गया है. जल्द ही इन तालाबों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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