गुमला: दुबई में करीब 50 दिनों से लापता गुमला निवासी मजदूर उदय गोप की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर अहीर सेना झारखंड ने सरकार और गुमला प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी है. संगठन ने कहा है कि यदि 31 अगस्त तक उदय गोप के संबंध में ठोस जानकारी और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो एक सितंबर को पूरे गुमला में चक्का जाम किया जायेगा.
उदय गोप के मामले को लेकर आयोजित बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने अब तक किये गये प्रयासों तथा आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की. संगठन के उपाध्यक्ष आनंद गोप ने कहा कि दो जुलाई से उदय गोप के लापता होने के बाद परिवार, समाज और संगठन लगातार उसकी तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास कर रहे हैं. जिला प्रशासन, प्रवासी मजदूर कार्यालय, जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक उदय गोप के ठिकाने की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है.
विदेश भेजने वाली कंपनियों की कार्यप्रणाली की जांच की मांग
सिसई प्रखंड अध्यक्ष अनिल यादव ने विदेशों में रोजगार के नाम पर युवाओं को भेजने वाली संस्थाओं और कंपनियों की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि मजदूरों को विदेश भेजने से पहले वेतन और सुविधाओं के जो आश्वासन दिये जाते हैं, उनकी वास्तविकता की भी जांच होनी चाहिए.
संयोजक भूषण भगत ने कहा कि विदेशों में झारखंड के मजदूरों के लापता होने के मामलों की गंभीर जांच जरूरी है. उन्होंने उदय गोप के मामले में कंपनी और संबंधित संस्थाओं की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की.
गुमला प्रखंड अध्यक्ष बुधराम गोप ने बताया कि संगठन की ओर से सोशल मीडिया पर #BringBackUdayGope अभियान चलाया जा रहा है. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, विदेश मंत्री सहित संबंधित अधिकारियों से उदय गोप की सुरक्षित वापसी के लिए हस्तक्षेप की मांग की जा रही है.
सहसचिव जनक गोप ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त के धरना और कल्याण गुरुकुल घेराव के दौरान बनी सहमतियों से कंपनी बाद में पीछे हट गयी. उन्होंने कंपनी की भूमिका और उसके अधिकारियों की जिम्मेदारी की निष्पक्ष जांच की मांग की.
सचिव देवनारायण गोप ने कहा कि परिवार 50 दिनों से अपने बेटे की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा है. सरकार 31 अगस्त तक ठोस कार्रवाई करे, अन्यथा एक सितंबर को पूरे गुमला में चक्का जाम किया जायेगा. संगठन ने कहा कि उदय गोप की सुरक्षित वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा और एक सितंबर का आंदोलन अंतिम विकल्प होगा.
