गुमला. चालीसा काल के पवित्र सप्ताह में गुरुवार को जिले के ख्रीस्त विश्वासियों ने पुण्य बृहस्पतिवार मनाया. मौके पर गुमला धर्मप्रांत के सभी 39 पल्लियों में पुण्य बृहस्पतिवार की धर्मविधि की गयी, जहां विभिन्न धर्म-विधियों के बीच पैर धोवन कार्यक्रम हुआ. इस निमित संत पात्रिक मैदान गुमला में शाम चार बजे पुण्य बृहस्पतिवार की धर्मविधि की गयी. धर्मविधि में भारी संख्या में पुरोहितों, विभिन्न धर्मसमाज की धर्मबहनों व ख्रीस्त विश्वासियों ने भाग लिया. पुण्य बृहस्पतिवार की धर्मविधि मुख्य अनुष्ठाता गुमला धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप लीनुस पिंगल एक्का व सह अनुष्ठाता गुमला धर्मप्रांत के वीजी फादर एम्मानुएल कुजूर व फादर अगुस्टीन टोप्पो ने करायी. बिशप ने कहा कि यहुदी परंपरा के अनुसार सेवक या दास लोग अपने अतिथियों का पैर धोते थे, पर यीशु जो ईश्वर के पुत्र थे, उन्होंने अपने शिष्यों के पैर धोयें और यह उदाहरण दिया कि वे सेवा करवाने नहीं, बल्कि सेवा करने आये हैं. बिशप ने कहा कि पवित्र सप्ताह में आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. आज के दिन ही यीशु ख्रीस्त ने मानव जाति को उनके पापों से छुटकारा दिलाने के लिए कष्ट सहा. उन्हें कलवरी पहाड़ पर क्रूस पर चढ़ा दिया गया. यीशु ख्रीस्त ने अपने जीवन में दीन-दुखियों, असहायों, पीड़ितों, बीमारों व लाचारों की सेवा की. बिशप ने कहा कि आज के ही दिन यीशु ने पुरोहिताई संस्कार की भी स्थापना की थी. कहा कि आज के मानव जाति को यीशु ख्रीस्त के गुणों को अपनाने की जरूरत है. कार्यक्रम में पल्ली पुरोहित फादर जेरोम एक्का, सहायक पल्ली पुरोहित फादर मिलयानुस सारस, फादर नीलम एक्का, फादर नबोर मिंज, फादर अरविंद कुजूर, फादर बीरेंद्र, फादर पॉल, फादर रंजीत, फादर अमृत, फादर जेम्स, फादर सीप्रियन, फादर मूनसन बिलुंग, फादर कुलदीप, फादर नवीन, फादर इग्नासियुस, फादर जीतन कुजूर, फादर पीटर तिर्की, सिस्टर मारिया स्वर्णलता कुजूर, सिस्टर एमेल्डा सोरेंग, सिस्टर निर्मला, सिस्टर फुलरीदा, सिस्टर अनुरंजना, सिस्टर स्वाती, सिस्टर गुलाबी, सिस्टर लवली, सिस्टर एस्टेला, सिस्टर ललिता, सिस्टर निवेदिता, सिस्टर सुष्मिता, सिस्टर मायगी, सिस्टर शालिनी, सिस्टर शशि किंडो आदि शामिल थे.
बिशप ने 12 विश्वासियों के पैर धोये
पुण्य बृहस्पतिवार की धर्मविधि के बीच बिशप लीनुस पिंगल एक्का द्वारा 12 विश्वासियों का पैर धोये. इसमें बकतलहेम नगर के समीर कुजूर, लोयोलानगर के अजीत कुजूर, प्रभात नगर के जोन एरिक कुजूर, तर्री आनंद नगर के सुशील मिंज, जोनपुर के पात्रिक कुजूर, दक्षिणी डुंबरटोली के आनंद प्रकाश कुजूर, दाऊद नगर के ओस्कर तिर्की, बोक्टा महुआटोली के जेंडर तिग्गा, पंदनटोली के अजित मिंज, प्रतापपुर के सुलेमान कुजूर, करंजटोली के पौलुस बड़ा व बरिसा नकटीटोली के इमिल मिंज शामिल थे.
शाम सात बजे से रात 12 बजे तक की गयी रात्रि आराधना
पुण्य बृहस्पतिवार की धर्मविधि के बाद शाम सात बजे से रात 12 बजे पुण्य बृहस्पतिवार रात्रि आराधना की गयी. केंद्रीय काथलिक सभा के अध्यक्ष सेत कुमार एक्का, इरेनियुस मिंज, त्योफिल बिलुंग, जेराल्ड संजय बाड़ा, विनय भूषण बाड़ा, लगनू ललित तिग्गा, नीलम प्रकाश लकड़ा, महिला काथलिक सभा के अध्यक्ष फ्लोरा मिंज, सचिव जयंती तिर्की, दिव्या सरिता मिंज, ग्रेगोरी तिर्की, अजीत कुजूर, तिंतुस कुजूर, रजनी पुष्पा तिर्की, दिव्या सरिता मिंज, मंजू बेक, विवयानी लकड़ा, लीली कल्याणी मिंज आदि मौजूद थे.
