अक्टूबर में जिले में लगेगी विज्ञान प्रदर्शनी, जल और जीवन पर रहेगा फोकस

गुमला जिले के नौ प्रखंडों में अक्टूबर माह में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन होगा. इसका मुख्य विषय जल और जीवन रखा गया है, जिससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी.

गुमला: विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से गुमला जिले में इस वर्ष अक्टूबर माह को विज्ञान गतिविधियों के लिए समर्पित किया जा रहा है. उपायुक्त दिलेश्वर महतो की पहल पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन इस बार पूरे अक्टूबर माह में किया जायेगा. जिला स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं.

विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक किया जायेगा. इसके लिए जिले के सभी नौ प्रखंडों से एक-एक विद्यालय का चयन किया गया है. प्रत्येक चयनित विद्यालय में तीन दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित होगी. इन प्रदर्शनी केंद्रों पर संबंधित प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को शामिल किया जायेगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चे विज्ञान आधारित गतिविधियों से जुड़ सकें.

जल और जीवन होगा विज्ञान प्रदर्शनी का मुख्य विषय

इस वर्ष विज्ञान प्रदर्शनी का मुख्य विषय ‘जल और जीवन’ रखा गया है. विषय के माध्यम से विद्यार्थियों को जल की गुणवत्ता, जल के वैज्ञानिक गुण, मानव जीवन में जल की भूमिका, स्वच्छ एवं सुरक्षित जल तथा जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने और प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा. इसके साथ ही रसायन विज्ञान और दैनिक जीवन के बीच संबंध को भी प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से समझाया जायेगा.

प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को विज्ञान के मॉडल, प्रयोग और नवाचार को प्रत्यक्ष रूप से देखने के साथ-साथ उन्हें समझने और स्वयं प्रयोग करने का अवसर मिलेगा. इसका उद्देश्य बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उनकी रचनात्मक क्षमता को भी प्रोत्साहित करना है.

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दर्शक नहीं, प्रयोगकर्ता बनेंगे विद्यार्थी

विज्ञान प्रदर्शनी में इस बात पर विशेष जोर दिया जायेगा कि विद्यार्थी केवल तैयार मॉडल देखने वाले दर्शक बनकर न रहें, बल्कि स्वयं प्रयोग करें, सवाल पूछें और वैज्ञानिक कारणों को समझने का प्रयास करें. विद्यार्थियों को अपने मॉडल और प्रयोगों को अन्य बच्चों तथा शिक्षकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा.

इसके माध्यम से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ तर्क करने, सवाल पूछने, जिज्ञासा रखने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जायेगा. प्रयोग आधारित गतिविधियों से विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप में समझने में भी मदद मिलेगी.

विज्ञान को कक्षा से निकालकर जीवन से जोड़ने की पहल

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद से संबंधित विज्ञान प्रदर्शन गतिविधियों के तहत की जा रही है. इसका उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक विद्यालयों और विद्यार्थियों को विज्ञान प्रदर्शनी एवं इससे जुड़ी गतिविधियों से जोड़ना और निर्धारित वैज्ञानिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है.

उन्होंने कहा कि विज्ञान को केवल पाठ्यपुस्तकों और कक्षा तक सीमित रखने के बजाय प्रयोग, गतिविधि और वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना जरूरी है. ‘जल और जीवन’ जैसे रोजमर्रा के जीवन से जुड़े विषय को केंद्र में रखकर बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया जायेगा कि विज्ञान उनके आसपास होने वाली लगभग हर गतिविधि से जुड़ा है. इस पहल से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच के साथ समस्या समाधान और नवाचार की क्षमता विकसित होने की उम्मीद है.


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By Prabhat khabar news desk

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