गुमला. शहर के साप्ताहिक बाजारटांड़ में प्रस्तावित जलमीनार निर्माण की मांग को लेकर वार्ड पार्षदों ने शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत टावर चौक पर धरना प्रदर्शन किया. 39 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी के बीच विभिन्न वार्डों के पार्षद पूर्वाह्न 11:30 बजे से अपराह्न 2:30 बजे तक धरने पर डटे रहे. तीन घंटे तक चले प्रदर्शन को शहरवासियों का भी समर्थन मिला. धरना प्रदर्शन में नगर परिषद उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी समेत पार्षद संगियश तिर्की, प्रवीण टोप्पो, लखन राम, मधु मेरीना लकड़ा, अनिल यादव, जसवंत कौर, जयराम इंदवार, नेहा रानी तिर्की, हेमलता देवी, विजेता मिंज, नूतन रानी और मनीष हिंदुस्तान आदि ने कहा कि बाजारटांड़ में जलमीनार बनने से शहर के बड़े हिस्से को पेयजल सुविधा मिल सकेगी, लेकिन अतिक्रमण हटाने में हो रही देरी से परियोजना प्रभावित हो रही है. उनका आरोप है कि कुछ दुकानदारों के अवैध कब्जे को प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है. पार्षदों ने कहा कि महज कुछ दुकानदारों के कारण शहर की लगभग 40 हजार आबादी पेयजल सुविधा से वंचित हो सकती है. गौरतलब है कि शहर में लगातार गहराते पेयजल संकट को देखते हुए वर्ल्ड बैंक की सहायता से टुकूटोली, जिला स्कूल मैदान और बाजारटांड़ समेत पांच स्थानों पर जलमीनार निर्माण की योजना बनायी गयी है. इस परियोजना पर करीब 116 करोड़ रुपये खर्च होने हैं. नगर विकास विभाग ने निर्माण कार्य जुडगो कंपनी को सौंपा है तथा कंपनी को राशि भी उपलब्ध करा दी गयी है. टुकुटोली में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन बाजारटांड़ में कुछ दुकानदारों के विरोध के कारण कार्य अटका हुआ है. जिस स्थल पर जलमीनार बनाया जाना प्रस्तावित है, वहां वर्तमान में एक कबाड़ी दुकान, दो गोदाम और तीन मुर्गी दुकान संचालित हैं. दुकानदारों के विरोध के कारण अप्रैल माह में नगर परिषद की टीम को भी वहां से वापस लौटना पड़ा था. इसके बाद पार्षदों ने एसडीओ गुमला को आवेदन देकर स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी तथा कार्रवाई नहीं होने पर अनशन की चेतावनी दी थी. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाये जाने पर पार्षद धरने पर बैठे.
अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार, एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव और सदर सीओ हरीश कुमार मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने पार्षदों से बातचीत कर धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन पार्षद तत्काल बुलडोजर चला कर अतिक्रमण हटाने की मांग पर अड़े रहे. इसके बाद तीनों अधिकारी एसडीओ गुमला से वार्ता करने पहुंचे. पुनः धरना स्थल लौट कर अधिकारियों व पार्षदों के बीच सहमति बनी कि इस मामले में एक जून को बैठक आयोजित की जायेगी, जिसमें आवश्यक निर्णय लेकर आगे की कार्रवाई की जायेगी. आश्वासन मिलने के बाद पार्षदों ने धरना समाप्त कर दिया.
