बंदी से दो करोड़ का नुकसान

गुमला : सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ पीएलएफआइ द्वारा बुलाये गये झारखंड बंद का गुमला जिले में व्यापक असर देखा गया. बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. 160 बसों को परिचालन नहीं हुआ. 800 से अधिक छोटी-बड़ी गाड़ियां नहीं चली. बॉक्साइट ढुलाई ठप रहा. बॉक्साइट का उत्खनन भी नहीं हुआ. गांव से […]

गुमला : सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ पीएलएफआइ द्वारा बुलाये गये झारखंड बंद का गुमला जिले में व्यापक असर देखा गया. बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. 160 बसों को परिचालन नहीं हुआ. 800 से अधिक छोटी-बड़ी गाड़ियां नहीं चली. बॉक्साइट ढुलाई ठप रहा. बॉक्साइट का उत्खनन भी नहीं हुआ. गांव से लेकर शहर तक सभी छोटी-बड़ी दुकानें बंद थी. एक अनुमान के अनुसार, बंद से लगभग दो करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ है. कामडारा, बसिया, भरनो, पालकोट, सिसई, चैनपुर, डुमरी, जारी, बिशुनपुर, घाघरा व रायडीह प्रखंड में नक्सली खौफ ऐसा था कि एक भी दुकान नहीं खुली.

चाय-पान तक की दुकानें बंद रही. ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर देखा गया. गुमला से एक भी गाड़ी नहीं चली. हालांकि छत्तीसगढ़ राज्य से आने जाने वाली मालवाहक गाड़ियां सड़कों पर सरपट दौड़ते नजर आयी. बंद के दौरान कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. बंद को लेकर पुलिस पहले से ही अलर्ट थी. बंद का असर गुमला जिले के सभी 12 प्रखंडों में देखा गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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