गुमला : डीसी दिनेशचंद्र मिश्र ने मूक बधिर व नेत्रहीन स्कूल का निरीक्षण किया. जब डीसी पहुंचे तो रसोईघर के कमरे में शिक्षक विनोद कुमार भोजन कर रहे थे. जबकि बच्चे थाली लेकर खड़े थे. इसपर डीसी गंभीर हुए. उन्होंने शिक्षक को फटकार लगायी. डीसी ने पूछा कि पहले खाना क्यों खाया. इसपर शिक्षक ने कहा कि मैं पहले खाना चखता हूं. इसके बाद बच्चों में भोजन बांटा जाता है. इसपर डीसी ने कहा कि मजाक करने की हद होती है.
थाली में लेकर खाना खा रहे हो और कहते हो चख रहे हो. डीसी ने कहा कि पहले बच्चों को भरपेट खिलायें. इसके बाद ही शिक्षक खाना खायें. डीसी ने नेत्रहीन स्कूल के बच्चों से भी मिले. बच्चे संगीत व तबला वादन का अभ्यास कर रहे थे. डीसी आधा घंटे तक रुककर बच्चों का गाना सुने. मौके पर डीसी ने भवन की स्थिति को भी देखें. मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार, बिजली विभाग के इइ कुणाल किशोर, संजय कुमार, वेद तिवारी, नंद कुमार बाबू, सत्यनारायण प्रसाद सहित कई लोग थे.
बढ़िया मीठा लाकर दें बच्चों को
नेत्रहीन बच्चों की प्रतिभा देख डीसी खुश हुए. उन्होंने स्टेनो कृष्ण नंदन को एक हजार रुपये दिये. सभी बच्चों के लिए बेहतरीन मीठा लाकर देने के लिए कहा. डीसी ने कहा कि मेरी ओर से बच्चों को यह छोटा सा इनाम है.
सिलम में नारी निकेतन चलेगा
मूकबधिर स्कूल के बगल में कल्याण विभाग का भवन है. यह बेकार पड़ा है. भवन के अंदर झाड़ी उग आयी है. खिड़की टूट गये हैं. दरवाजा भी सड़ रहा है. डीसी ने इस भवन में नारी निकेतन चलाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द यह भवन नये रूप में नजर आयेगा. यहां नारी निकेतन का संचालन किया जायेगा. इसमें रेस्क्यू करके लायी गयी युवतियों को रखा जायेगा.
