जिवित्पुत्रिका व्रत कल सिमडेगा़ जिवित्पुत्रिका व्रत पांच अक्तूबर को मनाया जायेगा. पुरोहित आचार्य विद्या बंधु शास्त्री ने कहा कि अष्टमी तिथि स्प्तमीयुक्त नहीं होनी चाहिए. शुद्ध अष्टमी तिथि पांच अक्तूबर को प्रात: 6.09 बजे तक है. इस व्रत का पारन मंगलवार प्रात: 6.09 बजे के बाद नवमी तिथि को ही करना शास्त्र सम्मत होगा.
जिवत्पिुत्रिका व्रत कल
जिवित्पुत्रिका व्रत कल सिमडेगा़ जिवित्पुत्रिका व्रत पांच अक्तूबर को मनाया जायेगा. पुरोहित आचार्य विद्या बंधु शास्त्री ने कहा कि अष्टमी तिथि स्प्तमीयुक्त नहीं होनी चाहिए. शुद्ध अष्टमी तिथि पांच अक्तूबर को प्रात: 6.09 बजे तक है. इस व्रत का पारन मंगलवार प्रात: 6.09 बजे के बाद नवमी तिथि को ही करना शास्त्र सम्मत होगा.
