माओवादियों के गढ़ में घुसा जेजेएमपी

गुमला : प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के सेफ जोन माने जानेवाले डुमरी व चैनपुर इलाके में जेजेएमपी का दस्ता घुस गया है. कभी भी दोनों के बीच मुठभेड़ हो सकता है. हालांकि दोनों संगठनों ने एक-दूसरे को चुनौती देना शुरू कर दिया है. जानकारी के अनुसार एक माह पहले माओवादी संगठन से पांच लोग […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 29, 2014 10:29 AM

गुमला : प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के सेफ जोन माने जानेवाले डुमरी व चैनपुर इलाके में जेजेएमपी का दस्ता घुस गया है. कभी भी दोनों के बीच मुठभेड़ हो सकता है. हालांकि दोनों संगठनों ने एक-दूसरे को चुनौती देना शुरू कर दिया है. जानकारी के अनुसार एक माह पहले माओवादी संगठन से पांच लोग भाग गये. ये लोग हथियार व लाखों रुपये लेकर भागे हैं.

इसके बाद पांचों सदस्य जेजेएमपी में जाकर शामिल हो गये. जब इसकी जानकारी माओवादी कमांडर व इनामी नक्सली प्रसाद लकड़ा को हुआ, तो उन्होंने छिछवानी गांव के दो भगोड़े सदस्यों के घर की दीवार में लाल रंग से लिख कर मौत का फरमान जारी किया है. दोनों सदस्यों को गांव में नहीं घुसने की धमकी भी दी है. इधर प्रसाद लकड़ा द्वारा कराये गये दीवार लेखन की जानकारी जब जेजेएमपी के सदस्यों को हुई, तो 50 की संख्या में जेजेएमपी के सदस्य डुमरी थाना क्षेत्र के घोरहाटी गांव पहुंचे. जहां प्रसाद लकड़ा के परिवार के सदस्यों को घर से निकाल कर घर में ताला जड़ दिया है. इस घटना के बाद से इलाके में दहशत है. जेजेएमपी ने प्रसाद लकड़ा के खिलाफ भी मौत का फतवा जारी कर उसे मारने के लिए खोज रहे हैं. प्रसाद लकड़ा उसी इलाके में अपने दस्ते के साथ रुका हुआ है. आशंका व्यक्त की जा रही है कि कभी भी दोनों संगठन आपस में भिड़ सकते हैं.

डुमरी व चैनपुर थाना की पुलिस को इसकी जानकारी है. पुलिस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है. परंतु इस प्रकार की जानकारी से अनभिज्ञता जाहिर की है. यहां बता दें कि 15 दिन पहले माओवादियों ने जेजेएमपी के एक सदस्य की हत्या कर दी थी. इसके बाद से जेजेएमपी के लोग माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाये हुए हैं. इस संबंध में एसपी भीमसेन टुटी ने कहा कि अभी तक इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं मिली है. इसकी जांच करा कर ही कुछ कहा जा सकता है.