विलुप्त प्राय कोरवा जनजाति के बच्चों को खेल सामग्री मिली तो चेहरे खिल उठे

दुर्जय पासवान, गुमला... गुमला प्रखंड के तेतरडीपा गांव में रहने वाले विलुप्त प्राय कोरवा जनजाति के बच्चों के बीच रविवार को मिशन बदलाव गुमला के सदस्यों ने खेल सामग्री का वितरण किया. साथ ही गेंद, पेंसिल, कॉपी, गुड़िया, पेन, कागज कार्ड, सांप घर सहित कई प्रकार की सामग्री थी. इसके अलावा मोजा, रूमाल, टॉपी भी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 19, 2020 9:39 PM

दुर्जय पासवान, गुमला

गुमला प्रखंड के तेतरडीपा गांव में रहने वाले विलुप्त प्राय कोरवा जनजाति के बच्चों के बीच रविवार को मिशन बदलाव गुमला के सदस्यों ने खेल सामग्री का वितरण किया. साथ ही गेंद, पेंसिल, कॉपी, गुड़िया, पेन, कागज कार्ड, सांप घर सहित कई प्रकार की सामग्री थी. इसके अलावा मोजा, रूमाल, टॉपी भी बांटा गया. खेल सामग्री मिलने के बाद बच्चों के चेहरे में खुशी देखते ही बन रही थी. जैसे ही बच्चों को खेल सामग्री मिली. वे खुशी से झूम उठे. खिलखिलाकर हंसने लगे.

बच्चों की खुशी देखकर उनके माता पिता भी काफी खुश नजर आये. मुख्य अतिथि प्रभात खबर गुमला के दुर्जय पासवान, परिवहन विभाग के गौतम कुमार, मिशन बदलाव के भूषण भगत, जीतेश मिंज, प्रदीप वर्मा, प्रभाकर कुमार, प्रकाश कच्छप, रविंद्र तिर्की सहित आदिवासियों पर रिसर्च कर रही टीम ने बच्चों को खेल सामग्री बांटे.

दुर्जय पासवान ने कहा कि तेतरडीपा गांव लंबे समय से उपेक्षित रहा है. परंतु अब इस गांव में बदलाव आ रही है. इस गांव के बच्चे जो कभी गुडी गुड़िया से नहीं खेले हैं. आज इन्हें गुडी गुड़िया व कई प्रकार की खेल सामग्री मिले हैं. जिससे इनके चेहरे पर जो खुशी आयी है. यह मिशन बदलाव के सदस्यों की देन है.

मिशन बदलाव के सदस्य ऊर्जावान हैं. अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर काम कर रहे हैं. तेतरडीपा गांव के हर दुख को दूर करने में मिशन बदलाव की टीम लगी हुई है. भूषण भगत ने कहा कि यहां के कुछ युवक पढ़ने को इच्छुक हैं. इनके लिए गुमला शहर में कोचिंग की व्यवस्था करायी जायेगी. जीतेश मिंज ने कहा कि गांव की ओर जो भी समस्या है. उसे दूर करने के लिए गुमला डीसी से मिलकर बात रखी जायेगी. आर्यन क्लासेस के निदेशक प्रदीप वर्मा ने कहा कि अगर इस गांव के कोई बच्चा पढ़ना चाहता है तो वह गुमला में आकर मेरे से संपर्क करें. हर संभव मदद की जायेगी.