शहीद तेलंगा के गांव घाघरा में बुनियादी सुिवधाओं का अभाव

गुमला : स्वतंत्रता सेनानी शहीद तेलंगा खड़िया के वंशज घाघरा गांव में रहते हैं. इस गांव की समस्याओं को दूर करने के लिए ग्रामीणों ने वोट दिया है. शहीद के परिजनों ने बूथ पहुंच कर वोट दिया. घाघरा गांव में 126 घर है. गांव की आबादी साढ़े छह सौ है, फिर भी यहां विकास के […]

गुमला : स्वतंत्रता सेनानी शहीद तेलंगा खड़िया के वंशज घाघरा गांव में रहते हैं. इस गांव की समस्याओं को दूर करने के लिए ग्रामीणों ने वोट दिया है. शहीद के परिजनों ने बूथ पहुंच कर वोट दिया. घाघरा गांव में 126 घर है. गांव की आबादी साढ़े छह सौ है, फिर भी यहां विकास के लिए कोई खास पहल नहीं की गयी.

शनिवार को घाघरा गांव के प्राथमिक विद्यालय में मतदान के समय प्रभात खबर प्रतिनिधि ने बूथ पर जाकर वोटिंग की जानकारी मिली. इसके बाद उक्त गांव के लोगों से गांव की समस्याओं के बारे में पूछा. ग्रामीण छोटेया उरांव ने बताया कि गांव में पेयजल व सड़क की घोर समस्या है. चलने लायक सड़क नहीं है.
पेयजल के लिए गांव में तीन चापानल है, जिसमें से दो खराब है. एक चापानल के सहारे पूरे गांव की आबादी आश्रित है. खुदैइ उरांव ने कहा कि गांव में तीन माह से ट्रांसफारमर जलने से ग्रामीण अंधकारमय जीवन जीने को विवश हैं. विद्युत विभाग को कई बार लिखित व मौखिक शिकायत की गयी, लेकिन कोई पहल नहीं की गयी. नंदिया देवी ने कहा कि गांव के बहुत लोगों का राशन कार्ड नहीं है. वहीं वृद्धावस्था पेंशन भी नहीं मिलती है.
हमने कई बार आवेदन जमा किया है, लेकिन हमलोगों को कोई बुनियादी सुविधा नहीं मिलती है. बंधैन उराइन ने कहा कि यहां लाभुकों को विधवा पेंशन भी नहीं मिलती है. साथ ही यहां किसी प्रकार की कोई सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नही मिल पाता है.
कई वृद्धों ने किया मतदान: राजकीय उत्क्रमित मवि नागफेनी में कई वृद्ध महिलाओं ने मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभायी. इस निमित मतदान कर लौट रही सुपाली गांव निवासी देशो उरांव, पोकली मिंज, लक्ष्मण लोहराइन, मंगी गोप व छेदो उरांव ने कहा कि हमने अपना मतदान कर दिया है. मतदान कर हम एक अच्छी सरकार बनाना चाहते हैं, जो हमारे गांव, समाज, प्रखंड व राज्य का विकास करें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >