दुर्जय पासवान
गुमला : कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर रामेश्वर उरांव ने शनिवार को सदर अस्पताल गुमला का निरीक्षण किया और यहां की व्यवस्था से रूबरू हुए. सीएस व डीएस के नहीं रहने की जानकारी ली.
बताया गया कि दोनों अधिकारी कहीं गये हुए हैं. कुछ मरीजों ने आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की. इस पर श्री उरांव ने अस्पताल प्रबंधन से जानकारी ली.
डॉ बीके महतो ने मरीजों के इलाज होने की जानकारी दी. डॉ उरांव ने डेंगू बीमारी के इलाज की व्यवस्था की जानकारी ली. अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि डेंगू मरीजों को रांची भेजा जा रहा है.
गोल्डेन कार्ड के संबंध में जानकारी लेने पर जूही कुमारी गोप ने कहा कि नेट की समस्या के कारण स्पीड काम नहीं हो पा रहा है. पूर्व में भी मैंने इसकी शिकायत की थी.
बगल में जेल है, जहां जैमर लगा है. इसका असर अस्पताल के नेट पर पड़ रहा है. हालांकि प्रतिदिन 10 से 15 लोगों का अस्पताल में गोल्डेन कार्ड बनने की जानकारी दी गयी.
जूही ने बताया कि प्रज्ञा केंद्र गोल्डेन कार्ड बनने में में 15 दिन लगते हैं, जबकि अस्पताल में इलाजरत मरीज का कार्ड 24 घंटे में बन जाता है. उन्होंने नेट की स्पीड बढ़वाने की मांग की है.
समस्या सुनने के बाद रामेश्वर उरांव ने कहा कि पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक नहीं है. कई जगह में सीएस व डीएस प्रभार में हैं. ऐसा लगता है कि भाजपा के शासन काल में झारखंड को लकवा मार दिया है. हर जगह प्रभार में काम लिया जा रहा है. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिये.
रघुवर सरकार अपना गुणगान खुद कर रही
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर रामेश्वर उरांव शनिवार को गुमला पहुंचे. गुमला में जिला युवा मोरचा, अल्पसंख्यक मोरचा, महिला कमेटी ने स्वागत किया. सर्किट हाउस में श्री उरांव जिले के कांग्रेस नेताओं से मुलाकात किये.
गुमला में संगठन को मजबूत करते हुए चुनाव की तैयारी में जुट जाने की अपील कार्यकर्ताओं से की. श्री उरांव ने सभी मोरचा के पदाधिकारियों से एकजुट होकर काम करने के लिए कहा.
साथ ही भाजपा सरकार के नाकामियों को जनता तक पहुंचाने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि राज्य व केंद्र में भाजपा की सरकार है. यानी डबल इंजन की सरकार. मतलब डबल लूटने वाली सरकार.
हमारे राज्य के सीएम रघुवर दास हैं. जिनकी करनी व कथनी में जमीन व आसमान का अंतर है. रघुवर सरकार का कार्यकाल देख लें. रघुवर दास अपना गुणगान करने में माहिर हैं. खुद की प्रशंसा कर खुद की पीठ रघुवर थपथपा रहे हैं.
