जगरनाथ, गुमला
गुमला के केंद्रीय पुस्तकालय भवन की छत टूटकर गिर रही है. छात्र जिस हॉल व कमरे में बैठकर पढ़ते हैं. उसकी छत काफी कमजोर हो गयी है. बारिश होने के बाद प्लास्टर टूटकर गिरने लगता है. जिससे पुस्तकालय में अध्यनरत 100 छात्र कहां बैठकर पढ़े यह सवाल खड़ा हो गया है. साथ ही उनकी सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा है.
पूर्व में ही पुस्तकालय की जर्जर भवन की जानकारी गुमला प्रशासन को दी गयी थी. लेकिन अभी तक भवन की मरम्मत कराने की दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. अभी कुछ दिन पहले ही बारिश हुई तो छत का प्लास्टर टूटकर गिरने लगा. किसी प्रकार छात्र कमरे से भागकर घायल होने से बचे.
यहां बता दें कि पुस्तकालय में विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए करीब 100 छात्र रोजाना अध्ययन करते हैं. यहां सभी प्रकार के प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए पुस्तक उपलब्ध है. हर रोज करीब 100 छात्र आते हैं. 10 बजे से चार बजे तक पढ़ते हैं. छात्रों ने कहा कि गुमला के इस पुस्तकालय से कई छात्र पढ़कर निकले और आज आईएएस, आईपीएस व कई बड़े पदों पर कार्यरत हैं.
इस भवन का निर्माण 26 जनवरी 1987 को हुआ था. उस समय इस भवन को बनाने में दो लाख 26 हजार रुपये खर्च हुए थे. 1987 ईस्वी से पुस्तकालय सुचारू ढंग से चल रहा है. 32 वर्ष पुराने इस भवन की मरम्मत के लिए कभी पहल नहीं हुई है. जिस कारण यह जर्जर होते जा रहा है.
विद्यार्थी परिषद ने की मरम्मत की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गुमला इकाइ द्वारा शुक्रवार को केंद्रीय पुस्तकालय के छात्रों की समस्या सुनकर पुस्तकालय का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में टीम को छात्रों ने बताया कि विगत दस वर्षो से पुस्तकालय में एक भी किताब नहीं आया है. पुस्तकालय की छत गिरने की कगार पर है. पुस्तकालय में शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है. जिससे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
लाइब्रेरी इंचार्ज अतुल तिग्गा ने बताया कि जितने भी समस्या छात्रों के बीच आ रही है. उसके समाधान के लिए कई बार वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है. परंतु अभी तक कोई भी समाधान नहीं निकला है. अभाविप ने कहा कि अगर छात्र हित की समस्या का समाधान नहीं होगा, तो अभाविप आंदोलन करेगा. मौके पर रांची विवि के उपाध्यक्ष सह केओ कॉलेज अध्यक्ष कुणाल शर्मा, उप सचिव परीक्षित भगत, प्रदेश मंत्री देवेंद्र लाल उरांव, दीपक कुमार, अनिल साहू, लव कुमार, सुमंत साहू, परमेश्वर साहू, सुदेश साहू, सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
