किसानों को फसल बीमा की राशि एक सप्ताह में भुगतान करें : प्रधान सचिव

वर्ष 2016-17 का मुरकुंडा पंचायत के किसानों की फसल बीमा की राशि लंबित. गुमला : मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने सहकारिता विभाग को एक सप्ताह के अंदर सदर प्रखंड गुमला अंतर्गत मुरकुंडा पंचायत के किसानों को फसल बीमा का मुआवजा भुगतान करने का निर्देश दिया है. प्रधान सचिव मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस […]

वर्ष 2016-17 का मुरकुंडा पंचायत के किसानों की फसल बीमा की राशि लंबित.

गुमला : मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने सहकारिता विभाग को एक सप्ताह के अंदर सदर प्रखंड गुमला अंतर्गत मुरकुंडा पंचायत के किसानों को फसल बीमा का मुआवजा भुगतान करने का निर्देश दिया है. प्रधान सचिव मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री जनसंवाद में आमजनों द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायतों के निराकरण को लेकर किये गये कार्यों की जिलावार समीक्षा कर रहे थे.
समीक्षा के क्रम में गुमला जिला की बारी आने पर प्रधान सचिव ने मुरकुंडा पंचायत के किसानों के मामले की जानकारी ली. ज्ञात हो कि मामला वर्ष 2016-17 का है. मुरकुंडा पंचायत के किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी-अपनी फसलों का बीमा कराया था. उस समय प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसल खेत में ही बर्बाद हो गयी.
किसानों ने मुआवजा की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर जिला कृषि विभाग से लेकर डीसी, बीडीओ व डीएओ तक को आवेदन दिया, परंतु कहीं भी किसानों की समस्या का निराकरण नहीं हुआ. स्थानीय स्तर पर समस्या का निराकरण नहीं होता देख किसानों ने अपनी समस्या को मुख्यमंत्री जनसंवाद के माध्यम से सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखा.
इधर, मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रधान सचिव द्वारा मामले के बारे में पूछा गया, तब उन्हें बताया गया कि किसानों द्वारा बीमा मुआवजा राशि की मांग को लेकर आवेदन दिया गया. आवेदन प्राप्त होने के बाद निबंधक सहयोग समितियां झारखंड द्वारा संबंधित किसानों का क्षतिपूर्ति दावा भुगतान के लिए अग्रेतर कार्रवाई करते हुए अनेकों बार स्मार पत्र भेजा गया है, परंतु अभी तक संबंधित किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान एआइसी द्वारा नहीं किया गया है.
मामले की जानकारी लेने के बाद प्रधान सचिव ने रांची के सहकारिता पदाधिकारी से जवाब-तलब किया. इस पर सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि एआइसी को बारंबार स्मार पत्र भेजा जा रहा है, परंतु एआइसी द्वारा मुआवजा भुगतान की दिशा में दिलचस्पी नहीं दिखायी जा रही है.
ऐसा मामला सिर्फ गुमला से ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड राज्य से है. राज्य भर से लगभग 150 किसानों को मुआवजा का भुगतान किया जाना है. इस पर प्रधान सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामला दो साल पुराना है. अब तक किसानों को मुआवजा राशि मिल जानी चाहिए, परंतु किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिलना दु:ख की बात है. प्रधान सचिव ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि एक सप्ताह के अंदर राज्य भर के किसानों काे मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करें.

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