आंखों में आंसू, मांस के टुकड़े को पिता ने चुन कर किया जमा

गुमला : रायडीह प्रखंड का सिलम गांव एनएच 78 के ठीक किनारे बसा है. गांव में राजकीयकृत उत्क्रमित हाई स्कूल है. यह स्कूल मुख्य सड़क के किनारे है. इस स्कूल में 300 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं. इस स्कूल के बच्चे मैट्रिक परीक्षा में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. हाल ही में कुलबीर गांव […]

गुमला : रायडीह प्रखंड का सिलम गांव एनएच 78 के ठीक किनारे बसा है. गांव में राजकीयकृत उत्क्रमित हाई स्कूल है. यह स्कूल मुख्य सड़क के किनारे है. इस स्कूल में 300 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं. इस स्कूल के बच्चे मैट्रिक परीक्षा में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. हाल ही में कुलबीर गांव की सोनी कुमारी ने स्कूल में नौवीं कक्षा में दाखिला लिया था.

उसके पिता गरीब किसान है. सब्जी बेच कर अपने बच्चों को पढ़ा रहे थे. पिता अमीन खड़िया व मां सुगनी सोरेन को अपनी बेटी से काफी उम्मीदें थी कि वह पढ़-लिख कर कुछ करेगी. इस वर्ष सोनी के भाई प्रकाश खड़िया ने भी इसी स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सफलता प्राप्त की है. बेटे की तरह बेटी को भी अच्छे अंकों से पास होता देखना उसके माता-पिता चाह रहे थे, लेकिन उससे पहले सोनी को तेज रफ्तार ट्रक ने मौत के घाट उतार दिया. सोनी की मौत से परिवार का सपना टूट गया. बीच सड़क पर जगह-जगह शव के टुकड़े बिखर गये थे. उस समय माहौल और गमगीन हो गया, जब पिता आंसू पोछते हुए मांस के टुकड़े को चुनते हुए एक प्लास्टिक में जमा करने लगे. एक-एक टुकड़े को चुनने के बाद शव को प्लास्टिक में लपेट कर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया.

पांच प्रमुख मांग
मृतक के परिजन को 10 लाख रुपया मुआवजा दिया जाये.
सिलम हाई स्कूल में शिक्षक की कमी को दूर किया जाये.
स्कूल के सामने स्थित पुराने यात्री शेड को हटाया जाये.
स्कूल के दोनों छोर पर चार स्पीड ब्रेकर बनवाया जाये
सिलम हाई स्कूल के लिए बस सेवा शुरू करायी जाये.
पीछे से मौत आयी और लेकर चली गयी
सोनी ठीक स्कूल के पास पहुंच गयी थी, लेकिन वह अपने पीछे से आ रही मौत से बेखबर थी. ठीक 7.45 बजे ट्रक ने सोनी को कुचलते हुए गुमला की ओर भाग निकला. हादसे के बाद कई लोग चिल्लाने लगे. कुछ लोग दौड़ते हुए सोनी के पास पहुंचे, लेकिन सोनी के चिथड़े देख कई लोग रो पड़े, तो कई शव को देखते ही बेहोश होते होते बचे. स्कूल के एचएम रामनरेश प्रजापति भागे-भागे स्कूल से बाहर निकले. साथ में दूसरे शिक्षक व बच्चे भी स्कूल से बाहर आ गये. सोनी का शव देख शिक्षक व उसके साथी छात्र राेने लगे. अफरा-तफरी का माहौल हो गया. किसी को कुछ सूझ नहीं रहा था कि वे क्या करे.
घटना की सूचना इधर-उधर अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को दी गयी. घटना की सूचना पर विधायक प्रतिनिधि जगनारायण सिंह, मुखिया, स्थानीय जागरूक मंच के अध्यक्ष चुमनू उरांव सहित कई लोग पहुंचे. गुमला से कई शिक्षक अपने-अपने स्कूल जा रहे थे. घटना के बाद वे भी रूक गये. सभी लोग घटना का दृश्य देख गम में डूब गये. रायडीह थाना की पुलिस पहुंची. तबतक मुख्य सड़क पर छात्राएं बैठ कर सड़क जाम कर दी. प्रशासन चाह कर भी जाम होने से रोक नहीं सका.
सूचना पाकर डीएसइ गनौरी मिस्त्री, सीओ कमलेश उरांव, थानेदार राजेश सिंह, बीइइओ बसंत कुमार व बीपीओ दिलदार सिंह पहुंचे. लोगों को समझाया. उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया, इसके बाद जाम हटा लिया गया. हालांकि जाम हटाने के दौरान कई बार लोगों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा. महिलाएं बोल रही थी, आये दिन हादसा हो रहा है. गांव के लोग मर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ठोकर नहीं लगा रहा है. महिलाओं ने सिलम स्कूल के लिए बस सेवा शुरू कराने की मांग की.

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