मीशो से जुड़कर बिना जीएसटी के उत्पाद बेच सकेंगे लाभुक : डीसी

पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा नया पंख, विश्वकर्मा योजना से आत्मनिर्भरता की ओर कदम

गोड्डा प्रखंड कार्यालय के सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के अधीनस्थ एमएसएमई विकास कार्यालय, धनबाद के तत्वावधान में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ डीसी अंजली यादव, एमएसएमई के सहायक निदेशक दीपक कुमार, डीआईसी के जीएम रामाकांत चतुर्वेदी, बीडीओ दयानंद प्रसाद जायसवाल, सीओ हलधर सेठी, एलडीएम, पोस्ट पेमेंट बैंक प्रबंधक शशिभूषण कुमार और आवेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया. डीसी अंजली यादव ने लाभुकों को संबोधित करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि लाभुक मीशो जैसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़कर बिना जीएसटी के भी अपने उत्पादों की बिक्री कर सकते हैं. साथ ही, श्रम विभाग के तहत अपने व्यवसाय का पंजीकरण कराना भी जरूरी बताया. कार्यक्रम के अंत में डीसी श्रीमती अंजली यादव ने राम ठाकुर, करण मरीक और गनोरी शर्मा को योजना के तहत प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में लाभुक, अधिकारीगण एवं स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित थे.

योजना से जुड़े प्रमुख लाभ

सहायक निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि गोड्डा जिले में योजना के तहत 14 पारंपरिक विधाओं से जुड़े कारीगरों को लाभान्वित किया जा रहा है. इनमें कारपेंटर, लोहार, कुम्हार, मूर्तिकार, दर्जी, धोबी, नाई, राजमिस्त्री, खिलौना निर्माता आदि शामिल हैं.

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Author: SANJEET KUMAR

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