बर्खास्त ठेका मजदूर संतोष मुर्मू ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

जमानत के सात महीने बाद भी नौकरी न मिलने से मजदूर और परिवार पर आर्थिक संकट

फरक्का एनटीपीसी के एमजीआर रेलवे लाइन में कार्यरत ठेका मजदूर संतोष मुर्मू अपने परिवार के साथ एनटीपीसी रेलवे लाइन के बगल में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठ गये. संतोष मुर्मू ने बताया कि वह प्रखंड के मुरचा गांव के निवासी हैं और रेलवे लाइन निर्माण के दौरान एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा जमीन अधिग्रहण किये जाने के कारण प्रभावित लोगों को नौकरी दी गयी थी. वह 59 से 62 किलोमीटर के क्षेत्र में कार्यरत थे. उन्होंने बताया कि 27 जून 2025 को उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज होने के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा, जिसके बाद एनटीपीसी प्रबंधन ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया. हालांकि, 7 अगस्त 2025 को न्यायालय द्वारा उन्हें जमानत मिल गयी, लेकिन जमानत मिलने के लगभग सात महीने बाद भी उन्हें नौकरी पुनः नहीं दी गयी. इसके कारण उनका परिवार गंभीर आर्थिक संकट में है. संतोष ने कहा कि वह आदिवासी और आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर है और परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पहले एनटीपीसी प्रबंधन को पत्र लिखकर अपनी समस्या और धरना प्रदर्शन की जानकारी दी थी, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई. संथाल परगना औद्योगिक मजदूर संघ के नेता रामजी साह और सोनाराम मड़ैया ने बताया कि मजदूर की मांग पर प्रबंधन को विचार करने की आवश्यकता है.

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By SANJEET KUMAR

SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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