बसंतराय प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत निमुहा गांव में शनिवार को स्वाइल हेल्थ एंड फर्टिलिटी योजना के अंतर्गत प्रश्रेत्र प्रत्यक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी जांच और कृषि उत्पादन बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गयी. कार्यक्रम के दौरान प्रखंड समन्वयक शशिकांत कुमार ने बताया कि मिट्टी की जांच से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी, पीएच स्तर और उर्वरता का पता चलता है. इसके आधार पर सही मात्रा में खाद डालने से 10-25 प्रतिशत तक फसल की उपज बढ़ायी जा सकती है और उर्वरक लागत में 20-30 प्रतिशत की कमी की जा सकती है. उन्होंने कहा कि मिट्टी की सेहत सुधारने, फसलों को रोगों से बचाने और सही फसल के चयन में मिट्टी जांच मदद करती है, जिससे किसानों का मुनाफा दोगुना बढ़ सकता है. शशिकांत कुमार ने बताया कि मिट्टी में पाए जाने वाले 17 आवश्यक पोषक तत्वों की सही जानकारी मिलने पर फसल को आवश्यक खाद और उर्वरक उचित मात्रा में उपलब्ध कराया जा सकता है. मिट्टी जांच के आधार पर बनाये गये मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार खेती करने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव है. कार्यक्रम में अंजली कुमारी, कृषक मित्र नकुल दास, शबनम आरा, मो. मुख्तार आलम सहित कई किसान उपस्थित थे.
मिट्टी परीक्षण से फसल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार संभव
निमुहा गांव में स्वाइल हेल्थ एंड फर्टिलिटी योजना का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
