गोड्डा शहर के हृदय स्थल पर स्थित मीट मंडी अब स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन गयी है. मंडी से निकलने वाली भीषण दुर्गंध और अव्यवस्था के कारण इस मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया है. मीट मंडी के ठीक समीप न केवल घनी रिहायशी बस्ती है, बल्कि पास में मंदिर, विद्यालय, मंडल कारा और अस्पताल भी स्थित हैं. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्रों को हो रही है, जिन्हें रोजाना उसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां गंदगी और बदबू का सामना करना उनकी सेहत और मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल रहा है. इसके अलावा सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए स्वच्छ हवा का होना अनिवार्य है, लेकिन मंडी की सड़ांध अस्पताल परिसर तक पहुंच रही है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है. गोड्डा नगर परिषद की नई सरकार के गठन के बाद जनता की नजरें अब उनके कार्ययोजना पर टिकी हैं. लोग मांग कर रहे हैं कि मीट मंडी को शहर के बाहरी इलाके में एक व्यवस्थित स्लॉटर हाउस के रूप में स्थानांतरित किया जाये. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान मीट मंडी में अपशिष्ट प्रबंधन का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है. संकरी सड़कों पर मंडी होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है. इसके अलावा मंडी परिसर और आसपास आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है. मंडी को शहर के बाहर स्थानांतरित करने से न केवल लोगों को गंदगी और दुर्गंध से निजात मिलेगी, बल्कि दुकानदारों को भी बेहतर और कानूनी ढांचा मिल सकेगा.
मीट मंडी के दुर्गंध से स्थानीय लोग बेहाल, नगर की नयी सरकार से स्थान बदलने की गुहार
आबादी, मंदिर, विद्यालय और अस्पताल के पास मीट मंडी, नगर सरकार के सामने चुनौती
