बोआरीजोर प्रखंड के विकास हेतु डीएमएफटी फंड में प्राथमिकता देने की मांग

त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

डीसी कार्यालय में प्रखंड के त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधि प्रमुख जशीनता हेंब्रम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीसी अंजली यादव को ज्ञापन सौंपा. इस अवसर पर प्रमुख ने बताया कि बोआरीजोर प्रखंड अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र में आता है और अत्यधिक पिछड़ा हुआ है, इसलिए इस प्रखंड को विकास में प्राथमिकता दी जानी चाहिए. ज्ञापन में कहा गया कि प्रखंड में स्थित राजमहल कोल परियोजना के माध्यम से जिले में डीएमएफटी फंड में राशि जमा की जाती है. प्रमुख ने मांग किया कि इस फंड का 25 प्रतिशत राशि सीधे प्रखंड के विकास के लिए रिजर्व की जाये. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भूमि संरक्षण, कल्याण विभाग, सिंचाई विभाग, शिक्षा विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और ईसीएल द्वारा संचालित योजनाओं की राशि को भी प्रखंड के विकास में प्राथमिकता के आधार पर खर्च किया जाये. ज्ञापन में यह भी अनुरोध किया गया कि त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्राम सभा में स्वीकृत योजना ही लागू की जाए और सभी शिलापट्ट पर पंचायत जनप्रतिनिधि का नाम अंकित किया जाये. डीसी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए बताया कि नये नियमों के अनुसार डीएमएफटी फंड का 70 प्रतिशत प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर दायरे में और शेष 30 प्रतिशत राशि 30 किलोमीटर दायरे में विकास कार्यों के लिए खर्च की जाएगी. ज्ञापन सौंपने के मौके पर जिला परिषद सदस्य दिनेश मुर्मू, सुजीत कुमार साह, मुखिया भागो मरांडी, अंजला सोरेन, महेंद्र किस्कू, मंजू कुमारी और समोली मरांडी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.

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Author: SANJEET KUMAR

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