बसंतराय प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत राहा में गुरुवार को देर रात हजरत सैयद सुल्तान शाह रहमतुल्ला अलैही के उर्स का भव्य आयोजन किया गया. सीमावर्ती क्षेत्र के हजारों अकीदतमंद दरगाह पर पहुंचे और चादरपोशी कर फातिहा पढ़कर अपनी हाजिरी पेश की. श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और अकीदत के साथ चादर चढ़ायी और अमन, चैन तथा शांति की दुआ मांगी. इस वर्ष कुल 113 चादर पेश की गयी. उर्स के अवसर पर सभी धार्मिक विधि-विधान और इस्लामी परंपराओं के अनुसार चादरपोशी के रस्म अदा किये गये. जानकारी के अनुसार, हजरत सैयद सुल्तान शाह रहमतुल्ला अलैही संभवतः 17वीं सदी के महान सूफी संत थे. माना जाता है कि उनके छह भाई थे और सभी अपने समय के प्रतिष्ठित सूफी संत माने जाते थे. उनके अन्य भाइयों की दरगाहें विभिन्न स्थानों पर स्थित हैं, जिनमें भागलपुर के बिहपुर में दाता मांगन शाह, बसंतराय प्रखंड के शाहपुर में शाह सगुना पीर, धोरैया प्रखंड के फतुचक चक में सैयद फतेह अली, धोरैया के करारिया गांव में एक भाई का मजार और झारखंड के दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में एक अन्य भाई की मजार शामिल है. तरावी और इशा की नमाज के बाद चादर को पूरे गांव में घुमाया गया और इसके बाद दरगाह पर चादरपोशी के मुख्य रस्म संपन्न हुए. इस अवसर पर जामा मस्जिद के इमाम ने सीमावर्ती क्षेत्र सहित देश और दुनिया में अमन, शांति और भाईचारे की कायम रहने की दुआ करायी. उर्स के मौके पर कमेटी के सदस्य मो. मुस्तफा कमाल, मो. आफताब आलम, मो. फारुख आजम, मो. सुलेमान जहांगीर आजाद, मो. नैय्यर, मो. महीर, मो. आलमगीर, मो. अजहर, मो. शमीम और मो. नईम के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय लोग और आसपास के गांवों से आये अकीदतमंद मौजूद थे.
धूमधाम से मनाया गया हजरत सैयद सुल्तान शाह रहमतुल्ला अलैही का उर्स

धूमधाम से मनाया गया हजरत सैयद सुल्तान शाह रहमतुल्ला अलैही का उर्स
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हजारों अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर मांगी अमन, चैन और शांति की दुआ