विभागीय और पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण अमरपुर पंचायत के बभनिया और नयाचाक गांव में पेयजल संकट विकराल रूप ले रहा है. प्रखंड के विभिन्न गांवों में लगे सोलर जलमीनार शोभा की वस्तु बनकर खड़े हैं, जबकि मरम्मत कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही. बभनिया गांव में लगभग 70 घरों में 500 की आबादी रहती है. गांव सड़क के दोनों किनारों पर फैला हुआ है और मुख्य रूप से कुर्मी समाज के लोग यहां मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं. ग्रामीण प्रमोद कुमार महतो, गुरुप्रसाद महतो, धीरन महतो, बबलू महतो और जयप्रकाश महतो ने बताया कि पिछले एक वर्ष से गांव का जलमीनार खराब पड़ा है. इस जलमीनार पर दोनों गांवों की हजारों की आबादी निर्भर थी. लोग अब महुआरा गांव के जलमीनार से एक किलोमीटर दूर पैदल पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं. नयाचाक गांव के लोग भी इसी जलमीनार पर आश्रित हैं और दिन में सुबह-शाम आधा किलोमीटर पैदल चलकर पानी जुटाते हैं. इस मार्ग से गुजरने वाले लोग भी पानी लेने के लिए रुकते थे, लेकिन अब सबकुछ बेकार साबित हो रहा है. इस संबंध में बीडीओ विजय कुमार मंडल ने बताया कि पंचायत के मुखिया को आवश्यक निर्देश दिया गया है और जल्द ही जलमीनार की मरम्मत करायी जाएगी.
पीने के पानी के लिए जूझ रहे बभनिया व नयाचाक गांव के लोग
अमरपुर पंचायत में पेयजल संकट विकराल: सोलर जलमीनार शोभा मात्र बनकर खड़ी
