महासंयोग के साथ 15 जनवरी को मनेगी मकर संक्रांति, बाजारों में उमड़ा उत्साह
दही-चूड़ा, तिलकुट और मिठाई की खरीदारी में जोर, डेयरी व्यापार में बढ़ी हलचल
मकर संक्रांति इस वर्ष 15 जनवरी को मनायी जाएगी. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार अनुराधा नक्षत्र और सर्वार्थ अमृत सिद्धि के साथ 23 साल बाद षटतिला एकादशी का महासंयोग बन रहा है. पुण्यकाल पूरे दिन रहेगा। स्नान-दान और सूर्यदेव को अर्घ्य देने से विशेष लाभ प्राप्त होगा. त्योहार के मद्देनजर गोड्डा के मुख्य बाजारों में मंगलवार को जबरदस्त भीड़ देखने को मिली. विशेष रूप से दही-चूड़ा की परंपरा के कारण डेयरी आउटलेट्स और मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी. अनुमान है कि महज 24 घंटों के भीतर शहर में 60 क्विंटल से अधिक दही की बुकिंग हुई. स्थानीय डेयरी संचालक रविन्द्र भगत ने बताया कि पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार मांग काफी अधिक रही. पैकेट वाली दही की सबसे ज्यादा मांग रही, जबकि मिट्टी के कुल्हड़ वाली ””””सोंधी”””” दही की भी मांग रही.
कतरनी चूड़ा और तिलकुट की बढ़ी मांग
बाजार में सामान्य चूड़ा और भागलपुर की कतरनी चूड़ा अधिक बिक रही है. कीमतें 50 रुपये से 120 रुपए प्रति किलो तक हैं. दुकानदार पंकज कुमार ने बताया कि भागलपुरी कतरनी चूड़ा 120 रुपये किलो और सामान्य चूड़ा 50 रुपये किलो बिक रहा है. गुड़ के दाम 50-60 रुपये किलो और तिलकुट में करीब 50 रुपए की बढ़ोतरी देखी गयी है. गोड्डा मंडल कारा के पुरोहित विभीषण गोस्वामी ने बताया कि सूर्य 14 जनवरी की रात्रि 9:39 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे और संक्रांति का पुण्यकाल अगले सूर्योदय तक रहेगा. इस वर्ष 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने का ज्योतिषीय गणित अगले 54 वर्षों तक लागू रहेगा. इस दिन सूर्य दक्षिणायण से उत्तरायण होंगे और खरमास समाप्त होगा. श्रद्धालु गंगा स्नान कर सूर्यदेव की पूजा करेंगे और दान-पुण्य करेंगे. मकर संक्रांति केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और डेयरी व्यापार के लिए भी उत्साह और लाभ का अवसर साबित होती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
