पथरगामा के कलाली मोड़ के समीप लगे दो वेपर लाइट नाकाम साबित हो रहे हैं, जिससे सड़क पर अंधेरा छा जाता है. इनमें से एक वेपर लाइट तो पोल से ही गायब हो चुका है, जबकि दूसरे लाइट की खराबी के कारण यह लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है. यह वेपर लाइट पथरगामा पंचायत के पूर्व मुखिया हेमंत पंडित की पहल पर लगवाये गये थे, ताकि सड़क पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित की जा सके. लेकिन खराबी के कारण यह लाइट्स अब उपयोगी नहीं रह गयी हैं. एक वेपर लाइट तो कलाली मोड़ पर जलता है, लेकिन इससे केवल एक ही स्थान पर रोशनी रहती है. यदि दोनों वेपर लाइट ठीक होते, तो पूरे कलाली मोड़ पर रोशनी होती, जिससे सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों को सुविधा होती. स्थानीय निवासी सुधीर साह, सुग्रीव, अमीन और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि कलाली मोड़ से तीन रास्ते निकलते हैं-पहला रास्ता पथरगामा मुख्य चौक होते हुए गोड्डा की ओर जाता है, दूसरा रास्ता दाढ़ीघाट चौक होते हुए महागामा की ओर और तीसरा रास्ता तरडीहा होते हुए बसंतराय जाता है. तीन अलग-अलग दिशा में जाने वाले रास्तों से जुड़े होने के कारण यहां दिन-रात चहल-पहल बनी रहती है. ग्रामीणों ने मांग की है कि खराब पड़े वेपर लाइट की मरम्मत करायी जाये, ताकि कलाली मोड़ की सड़क पर आवागमन करने वालों को पर्याप्त रोशनी मिल सके.
पथरगामा के कलाली मोड़ पर खराब वेपर लाइट से बढ़ी अंधेरे की समस्या
खराब वेपर लाइट की मरम्मत कराने की अपील
