बोआरीजोर प्रखंड क्षेत्र के मेघी पंचायत के बड़ा केराे गांव में सरकार द्वारा दो जल मीनारें बनायी गयी थीं. लेकिन आज ये जल मीनारें सिर्फ शोभा की वस्तु बन कर रह गयी हैं. गांव सुदूर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां लगभग 200 लोग निवास करते हैं. स्थानीय ग्रामीण मैसा पहाड़िया, सिंहराय पहाड़िया, साधु मालतो, चांदी पहाड़ीन ने बताया कि जल मीनार बनाने में लाखों रुपये खर्च किये गये, लेकिन ग्रामीणों को अभी तक शुद्ध पानी नहीं मिल पाया. जल मीनार बनते ही खराब हो गयी और इसके आसपास घना जंगल भी बढ़ गया है. ग्रामीणों को लगभग 2 किलोमीटर दूर से पानी लाकर पीना पड़ता है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है. भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव दीनबंधु मंडल ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है. बीडीओ मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि संबंधित पंचायत सचिव को निर्देशित किया गया है कि किसी भी गांव में पीने के पानी की समस्या नहीं हो, इस पर ध्यान दिया जाये. उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी ग्रामीणों को समुचित पानी उपलब्ध कराने के लिए कार्य चल रहा है.
सुदूर पहाड़ी क्षेत्र के 200 निवासी कर रहे हैं पानी के लिए कड़ी मेहनत
बड़ा केराे गांव में जल मीनार बनी शोभा की वस्तु, ग्रामीण पानी के लिए परेशान
