कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित

सड़कें वीरान, यातायात बाधित, लोगों का चलना मुश्किल

ठाकुरगंगटी क्षेत्र में बदलते मौसम के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लगातार बढ़ रहे घने कोहरे और शीतलहर ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पारा इतना गिर गया है कि लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी कठिनाई महसूस कर रहे हैं. सड़कें वीरान हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित है. कोहरे के कारण सड़क पर चल रहे लोगों को रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. सर्दियों और कोहरे का फायदा उठाते हुए बालू माफिया सड़क को अपने कब्जे में लेकर खुलेआम गिट्टी-बालू का व्यापार कर रहे हैं. परासी चौक पर एसडीएन स्कूल के सामने मुख्य मार्ग, परासी चौक से मोरडीहा जाने वाली सड़क, तेतरिया जाने वाली मार्ग महुआरा मध्य विद्यालय के समीप और प्रखंड मुख्यालय जाने वाला तीखा मोड़ (बिहारी तालाब के समीप) बालू माफिया के हाथों में है. इस कारण सामने से आने वाले वाहनों का अनुमान नहीं लगाया जा सकता और बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन इस ओर पूरी तरह से निष्क्रिय है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार शिकायत की गयी है, लेकिन अंचलाधिकारी और स्थानीय प्रशासन की कोई कार्रवाई नहीं हुई है. लोगों का मानना है कि जब सड़क हादसा होता है, तब प्रशासन मुस्तैद हो जाता है और अभियान चलाता है, जबकि यदि पहले ही जागरूक होकर बालू माफिया को सड़क से हटाया जाता तो दुर्घटनाओं को रोका जा सकता था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार लाखों रूपये खर्च कर सड़कों का निर्माण करती है ताकि वाहन सुरक्षित चल सकें और यात्री सुरक्षित रह सकें, लेकिन बालू माफिया के कब्जे में रहने के कारण यह उद्देश्य पूरी तरह से विफल हो रहा है. इससे न केवल सड़क हादसों का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि स्थानीय जनता का विश्वास भी प्रशासन पर घट रहा है.

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By SANJEET KUMAR

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