मेहरमा के पशु चिकित्सालय की जर्जर हालत, डॉक्टर के भरोसे चल रही सेवाएं

40 हजार से अधिक पशुओं के लिए पर्याप्त चिकित्सक और क्वार्टर की कमी गंभीर समस्या

By SANJEET KUMAR | January 15, 2026 11:14 PM

मेहरमा प्रखंड के बगल में स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय की स्थिति काफी जर्जर होने के कारण डॉक्टर और स्टाफ को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यह क्षेत्र में केवल एकमात्र पशु चिकित्सालय है, जबकि यहां लगभग 40 हजार पशु हैं. इनमें करीब 14 हजार गाय-बैल, 4 हजार भैंस, 23 हजार बकरी और लगभग 600 सुअर शामिल हैं. पशु चिकित्सालय में दो चिकित्सक के पद रिक्त हैं और वर्तमान में ठाकुरगंगटी प्रखंड के दिग्घी में पदस्थापित भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बालेश्वर निराला ही यहां प्रभार में रहकर पशुओं का इलाज कर रहे हैं. चिकित्सक और स्टाफ के लिए क्वार्टर भी उपलब्ध नहीं है. प्रखंड में करीब 5 हजार दुधारू पशु हैं, जो प्रतिदिन लगभग 25 हजार लीटर दूध का उत्पादन करते हैं. सरकार पशु पालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अनुदान योजनाओं के माध्यम से किसानों को गाय, बकरी, मुर्गा, बत्तख और सुअर पालने पर प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन पशु चिकित्सालय की जर्जर स्थिति और पर्याप्त चिकित्सक न होने से यह योजना प्रभावित हो रही है. किसान मदन यादव, मो. मंजूर, मो. इलाही, रामनरेश यादव, बिनोद मंडल, सुभाष चंद्र और रमेश कुमार ने वरीय पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चिकित्सक की नियुक्ति करने और भवन का निर्माण करने की मांग की है.

क्या कहते हैं प्रभारी भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी

पशु चिकित्सालय का भवन भी जर्जर स्थिति में है. दो चिकित्सक के पद रिक्त हैं. करीब पांच महीने पहले यहां कार्यरत चिकित्सकों का ट्रांसफर होने के बाद नियुक्ति नहीं हुई है. क्षेत्र के किसानों की संख्या काफी है और वे मवेशी पालन करते हैं. चिकित्सक की नियुक्ति होने पर मवेशी पालकों की समस्याओं का जल्द समाधान होगा.

-डॉ. बालेश्वर निराला, प्रभारी भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, मेहरमाB

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