बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा की तैयारियां जोरों पर, मूर्तिकार जुटे प्रतिमाओं के निर्माण में

सरस्वती प्रतिमाओं को अनोखे डिजाइन और रंगरोगन से सजाने में जुटे मूर्तिकार

By SANJEET KUMAR | January 6, 2026 11:16 PM

आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इस अवसर पर सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों में मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है. इसको लेकर मूर्तिकार मां सरस्वती की प्रतिमा को कलात्मक रूप देने में लगे हुए हैं. कोई प्रतिमा के ढांचे में मिट्टी से आकृति को अंतिम रूप दे रहा है तो कोई रंग-रोगन और सजावट में व्यस्त है. मूर्ति निर्माण की तैयारियां महीनों पहले शुरू हो जाती हैं, क्योंकि इस समय प्रतिमाओं की भारी मांग होती है और लोग पूजा के अवसर पर खाली हाथ लौटना नहीं चाहते. प्रतिमा निर्माण का कार्य महिला महाविद्यालय के समीप, हटिया चौक, शिवपुर रोड और अन्य जगहों पर जोर-शोर से चल रहा है. मूर्तिकार हर प्रतिमा को अलग और आकर्षक डिजाइन में सजाने में विशेष ध्यान दे रहे हैं. पप्पू पंडित जैसे मूर्तिकार का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए वे मां सरस्वती की प्रतिमा को सर्वोत्तम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में भी प्रतिमा निर्माण का कार्य चल रहा है.

महंगाई की मार से मूर्तिकार की आमदनी पर पड़ा है असर

मां सरस्वती की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार भी महंगाई से प्रभावित हैं. मिट्टी और पुआल के दामों में वृद्धि के कारण निर्माण लागत बढ़ गयी है. एक ट्रेलर मिट्टी में लगभग 50 प्रतिमाएं बनायी जा सकती हैं, जिसकी कीमत 1200 से 1500 रुपये है. पुआल लगभग 2000 रुपये प्रति हजार की दर से उपलब्ध है. रंग-रोगन और सजावट के सामान के दाम भी बढ़ गये हैं. एक प्रतिमा बनाने में कम से कम 1200 से 1500 रुपए खर्च आते हैं, जबकि मेहनत और मजदूरी अलग से शामिल है. बढ़ौना के मूर्तिकार पप्पू पंडित बताते हैं कि उनके पास 2000 से 10,000 रुपए तक की प्रतिमाएं उपलब्ध हैं. पूजा के अवसर पर श्रद्धालु इन प्रतिमाओं को खरीदकर मां सरस्वती की आराधना करते हैं और विद्या प्राप्ति की कामना करते हैं.

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